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नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ( एनआईए ) ने प्रतिबंधित जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) से जुड़ी आतंकी साजिश के मामले में असम, पश्चिम बंगाल और केरल के 16 ठिकानों पर छापेमारी कर 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 13 गिरफ्तार, सबसे ज्यादा असम से एनआईए ने मंगलवार को जारी बयान में बताया कि गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों में 8 असम, 4 पश्चिम बंगाल और 1 केरल से पकड़ा गया है। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और मेमोरी कार्ड समेत कई डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए हैं। एजेंसी अब इन उपकरणों और मामले से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच आगे बढ़ा रही है। ‘आईएमके’ के जरिए नेटवर्क बढ़ाने की साजिश का आरोप एनआईए का कहना है कि उसकी जांच में आरोपियों की इमाम महमूदेर काफिला (आईएमके) की कथित साजिश में सक्रिय भूमिका सामने आई है। एजेंसी ने आईएमके को जेएमबी का एक स्वरूप बताया है। कथित साजिश का मकसद पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत में प्रतिबंधित संगठन की विचारधारा का विस्तार करना, कमजोर युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलना और भारत में संगठन का नेटवर्क बढ़ाना था। वरिष्ठ सदस्य ने बनाया था आईएमके: एनआईए जांच में यह भी सामने आया कि जेएमबी के वरिष्ठ सदस्य इमाम महमूद हबीबुल्लाह ने भारत में प्रतिबंधित संगठन के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए आईएमके की स्थापना की थी। एजेंसी का आरोप है कि इस नेटवर्क को गुप्त बैठकों, धार्मिक वैचारिक कार्यक्रमों, चरमपंथी साहित्य के प्रसार और डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल के जरिए बढ़ाने की कोशिश की जा रही थी। डिजिटल प्लेटफॉर्म से प्रचार का आरोप एनआईए ने दावा किया है कि आरोपी डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल भारत-विरोधी प्रचार के लिए कर रहे थे और आईएमके/जेएमबी के नेतृत्व के प्रति निष्ठा को बढ़ावा दे रहे थे। एजेंसी के अनुसार, इसी नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच के क्रम में तीन राज्यों में छापेमारी कर ताजा गिरफ्तारियां की गई हैं। 10 आरोपी अब भी फरार इस मामले में एनआईए की जांच अभी जारी है। 10 आरोपी फरार हैं , जिनमें एक भारतीय और नौ बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। एजेंसी इस मामले की जांच आरसी-01/2026/एनआईए/जीयूडब्ल्यू के तहत कर रही है। क्या है पूरा मामला इस मामले की शुरुआत 28 दिसंबर 2025 को असम पुलिस द्वारा असम, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के अलग-अलग जिलों से 11 आरोपियों की गिरफ्तारी से हुई थी। इसके बाद एसटीएफ पुलिस स्टेशन ने 30 दिसंबर 2025 को केस नंबर 06/2025 दर्ज कर 35 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप था कि बांग्लादेश स्थित आईएमके के सदस्यों द्वारा संचालित ‘पूर्व आकाश’ टेलीग्राम ग्रुप के जरिए ऑनलाइन कट्टरपंथी गतिविधियां चलाई जा रही थीं। इन 11 आरोपियों के खिलाफ 25 जून 2026 को आरोपपत्र दाखिल किया गया और वे न्यायिक हिरासत में हैं। बाद में एनआईए ने मामला अपने हाथ में लिया और इन 11 आरोपियों के खिलाफ बीएनएस, 2023 और यूए(पी) एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत गुवाहाटी की एनआईए विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। अब 29 सितंबर की कार्रवाई में 13 और आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।