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पटना। बिहार सरकार ने युवाओं को बदलती तकनीक और रोजगार की नई जरूरतों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से कुशल युवा कार्यक्रम को अगले पांच साल तक जारी रखने और इसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई, ड्रोन टेक्नोलॉजी, कोडिंग, डिजिटल मार्केटिंग और बैंकिंग जैसी आधुनिक स्किल की ट्रेनिंग देने के लिए 430.08 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। पांच साल चलेगा कुशल युवा कार्यक्रम मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 10 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, लेकिन युवाओं के लिहाज से सबसे अहम फैसला कुशल युवा कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का रहा। यह कार्यक्रम अब वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रहेगा। सरकार का फोकस युवाओं को केवल पारंपरिक ट्रेनिंग देने के बजाय ऐसी स्किल सिखाने पर है, जिनकी नई अर्थव्यवस्था और रोजगार बाजार में मांग बढ़ रही है। एआई से ड्रोन तक, बदलने वाला है ट्रेनिंग का सिलेबस कुशल युवा कार्यक्रम में अब एआई, ड्रोन टेक्नोलॉजी, डिजिटल मार्केटिंग, बैंकिंग और कोडिंग जैसी स्किल शामिल होंगी यानी ट्रेनिंग का दायरा सामान्य रोजगार कौशल से आगे बढ़ाकर नई तकनीक से जुड़े क्षेत्रों तक ले जाने की तैयारी है। सरकार ने इस कार्यक्रम के लिए 430.08 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। 6,436 प्रत्यक्ष नौकरियों का दावा सरकार के मुताबिक, कार्यक्रम से 6,436 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इसके अलावा अप्रत्यक्ष रूप से भी बड़ी संख्या में रोजगार के मौके बनने का अनुमान है। ऐसे में सरकार का यह फैसला ट्रेनिंग के साथ रोजगार सृजन को जोड़ने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। गांवों तक पहुंचेगा हाई-स्पीड फाइबर इंटरनेट युवाओं की डिजिटल स्किल बढ़ाने के साथ गांवों में इंटरनेट कनेक्टिविटी मजबूत करने का फैसला भी किया गया है। भारतनेट परियोजना के तहत गांवों और पंचायतों के साथ स्कूलों, अस्पतालों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों तक हाई-स्पीड फाइबर इंटरनेट पहुंचाया जाएगा। इसके लिए भारतनेट से जुड़े त्रिपक्षीय समझौते में बदलाव को मंजूरी दी गई है। सरकार का लक्ष्य नेटवर्क को 99 प्रतिशत समय तक चालू रखना है। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना भी 2031 तक उच्च शिक्षा हासिल करने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को भी 2030-31 तक जारी रखने का फैसला किया गया है। योजना के लिए अकेले वित्त वर्ष 2026-27 में 950 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को आर्थिक मदद के जरिए उच्च शिक्षा जारी रखने का अवसर देना है। प्राइवेट आईटीआई में 50 प्रतिशत सीटें प्रवेश परीक्षा से तकनीकी शिक्षा से जुड़ा एक और अहम बदलाव निजी आईटीआई में दाखिले को लेकर हुआ है। अब निजी आईटीआई की 50 प्रतिशत सीटों पर दाखिला बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद यानी बीसीईसीईबी की प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होगा। सरकार का कहना है कि इससे दाखिला प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी। बिजली कंपनी में बनेंगे 221 नए पद बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड यानी बीएसपीटीसीएल के ग्रिड उपकेंद्रों के बेहतर संचालन के लिए 221 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी मिली है। इनमें कार्यपालक अभियंता, सहायक कार्यपालक अभियंता, कनिष्ठ विद्युत अभियंता और तकनीकी कर्मचारियों से जुड़े पद शामिल हैं। छत पर सोलर लगाइए, राज्य से भी मिलेगी मदद प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के लाभार्थियों को केंद्र सरकार की सहायता के अलावा बिहार सरकार भी अतिरिक्त आर्थिक मदद देगी।राज्य सरकार प्रति किलोवाट 10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता देगी और एक परिवार को अधिकतम 20 हजार रुपये मिल सकेंगे। राशि डीबीटी यानी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के जरिए लाभार्थियों के बैंक खाते में जाएगी। इसके लिए संभावित रूप से 1,000 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गई है। शहर का कचरा अब बनेगा गैस नगर निकायों में निकलने वाले जैविक कचरे से कंप्रेस्ड बायोगैस यानी सीबीजी बनाने के लिए प्लांट लगाए जाएंगे। इसका मकसद शहरों में कचरे का बोझ कम करने, मीथेन उत्सर्जन घटाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करने का है। बीएड कॉलेजों में अब दूसरे कोर्स भी केवल बीएड की पढ़ाई कराने वाले निजी शिक्षक शिक्षा संस्थानों में अब कला, विज्ञान, वाणिज्य और कौशल आधारित स्नातक पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा सकेंगे। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत किया जा रहा है, जिससे इन संस्थानों में विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई के विकल्प बढ़ेंगे। जमीन से लेकर प्रशासन तक और भी फैसले ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप वाले इलाकों में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगी रोक हटाने को भी मंजूरी दी गई है। अंतिम विकास योजना जारी होने के बाद तय नियमों के तहत निर्माण और विकास हो सकेगा। वहीं, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी संजय कुमार को 1 अगस्त 2026 से 31 जुलाई 2027 तक एक वर्ष के लिए संविदा पर रखने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है।