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पटना। बिहार की राजधानी पटना स्थित एक विशेष अदालत ने एक दलित की हत्या के जुर्म में आज चार युवकों को आजीवन कारावास के साथ ही 45-45 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। विशेष अदालत ने चारों आरोपियों को ठहराया दोषी अनुसूचित जाति एवं जनजाति उत्पीड़न निषेध अधिनियम के विशेष न्यायाधीश राजीव नयन ने मामले में सुनवाई के बाद पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र स्थित लंगरपुर गांव निवासी मोनी सिंह उर्फ नीरज सिंह, मोहम्मद राजा, गोलू सिंह उर्फ शुभम सिंह और मुक्का सिंह उर्फ मुकुल कुमार को भारतीय दंड विधान, शस्त्र अधिनियम और अनुसूचित जाति एवं जनजाति उत्पीड़न निषेध अधिनियम की अलग-अलग धाराओं में दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर प्रत्येक दोषी को एक वर्ष तीन माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी। पूर्व विवाद में गोली मारकर की गई थी सूरज पासवान की हत्या मामले के विशेष लोक अभियोजक श्याम नंदन कुमार सिंह उर्फ संतोष कुमार ने बताया की 30 मार्च 2021 को दोषियों ने अपने ही गांव के एक दलित युवक सूरज पासवान उर्फ प्रवीण कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या का कारण पूर्व विवाद बताया गया था। मामले की प्राथमिकी बाढ़ थाने में दर्ज की गई थी। आरोप साबित करने के लिए अभियोजन ने इस मामले में पांच गवाहों का बयान अदालत में कलमबंद करवाया था।