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नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े बैंक की रिसर्च इकाई एसबीआई रिसर्च ने देश की अर्थव्यवस्था के चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करने का संकेत देते हुए कहा कि अप्रैल-जून तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 6.6 प्रतिशत के अनुमान को पार कर सकती है। एसबीआई रिसर्च की शनिवार को जारी इकोरैप रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल और मई के उपलब्ध आर्थिक आंकड़े यह दर्शाते हैं कि अर्थव्यवस्था की रफ्तार औसत से कहीं अधिक मजबूत बनी हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि जून महीने में भी यही गति जारी रहती है तो पहली तिमाही की जीडीपी वृद्धि दर आरबीआई के अनुमान से ऊपर जा सकती है। अप्रैल-मई के आंकड़ों ने बढ़ाया भरोसा एसबीआई रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि हालिया आर्थिक संकेतक मजबूत मांग, उत्पादन गतिविधियों और कारोबारी माहौल की ओर इशारा कर रहे हैं। यही वजह है कि पहली तिमाही के लिए विकास दर का अनुमान और बेहतर होता दिखाई दे रहा है। आरबीआई ने क्या लगाया है अनुमान गौरतलब है कि शुक्रवार को जारी मौद्रिक नीति समीक्षा में आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए जीडीपी वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। केंद्रीय बैंक के अनुसार दूसरी तिमाही में यह 6.3 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 6.5 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 6.8 प्रतिशत रह सकती है। पूरे वित्त वर्ष के लिए आरबीआई ने 6.6 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान बरकरार रखा है। पिछले साल भी उम्मीद से बेहतर रही ग्रोथ इकोरैप रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पिछले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि अनुमान से अधिक रही। इसकी एक बड़ी वजह राष्ट्रीय आय की नई श्रृंखला में असंगठित क्षेत्र के आंकड़ों को अधिक सटीक तरीके से शामिल किया जाना है। पहले इस क्षेत्र का आकलन अनुमानित आंकड़ों के आधार पर किया जाता था जबकि अब वास्तविक आंकड़ों के आधार पर गणना की जा रही है। 7.7% रही पिछले वित्त वर्ष की जीडीपी वृद्धि शुक्रवार को जारी प्राथमिक अनुमानों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में देश की जीडीपी वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत दर्ज की गई। वहीं, मार्च 2026 में समाप्त चौथी तिमाही के दौरान अर्थव्यवस्था ने 7.8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि हासिल की। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निवेश, खपत और सरकारी खर्च की रफ्तार बनी रहती है तो चालू वित्त वर्ष की शुरुआत भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए उम्मीद से कहीं ज्यादा मजबूत साबित हो सकती है।



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