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सीवान। दीपावली और छठ महापर्व पर दूसरे राज्यों से घर लौट रहे प्रवासियों को स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराने और बीमारियों की समय पर पहचान करने के उद्देश्य से बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है, जिसके तहत सोमवार को सीवान जंक्शन पर करीब 200 लोगों की स्क्रीनिंग की गई जबकि जिले में 20 नवंबर तक कुल 17 समेकित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की योजना है। सीवान जंक्शन पर 200 प्रवासियों की जांच त्योहारों के दौरान दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में लोग अपने घर लौट रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने रेलवे स्टेशनों और बस पड़ावों पर ही जांच की सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की है। सोमवार को सीवान जंक्शन पर आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविर में करीब 200 प्रवासियों की जांच की गई। शिविर में एचआईवी और सिफलिस सहित विभिन्न बीमारियों की स्क्रीनिंग की गई। स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी भी दी। इस अभियान का उद्देश्य यात्रियों को बिना किसी अतिरिक्त परेशानी के स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना है। एचआईवी और सिफलिस के साथ पांच बीमारियों की जांच सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने बताया कि विशेष अभियान के तहत प्रवासियों और अन्य लक्षित समूहों की कई प्रमुख बीमारियों के लिए जांच की जा रही है। शिविरों में एचआईवी, सिफलिस, क्षय रोग (टीबी), मधुमेह और उच्च रक्तचाप की स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर लोगों को चिकित्सकीय सलाह और आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि बीमारी की आशंका सामने आने पर संबंधित व्यक्ति को आगे की जांच और उपचार से जोड़ा जाए। 20 नवंबर तक चलेंगे 17 विशेष स्वास्थ्य शिविर सिविल सर्जन ने बताया कि बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के निर्देश पर यह विशेष स्वास्थ्य अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत 26 अक्टूबर से 20 नवंबर तक कुल 17 समेकित स्वास्थ्य शिविर लगाने की योजना तैयार की गई है। रेलवे स्टेशनों और बस पड़ावों को प्रमुख जांच केंद्र बनाया गया है, ताकि दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासियों तक स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से पहुंच सकें। अभियान के तहत केवल प्रवासियों ही नहीं, बल्कि अन्य लक्षित आबादी की भी जांच की जा रही है। 29 अक्टूबर को जारी हुआ था निर्देश अभियान के संचालन को लेकर असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के कार्यालय से 29 अक्टूबर को सीवान सदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को पत्र जारी किया गया था। पत्र में विशेष स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन और आवश्यक स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती से संबंधित निर्देश दिए गए थे। कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित प्रखंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी, एएनएम, जीएनएम और क्षय रोग पर्यवेक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये स्वास्थ्यकर्मी शिविरों में जांच, परामर्श और जरूरत के अनुसार आगे के उपचार से जोड़ने का काम कर रहे हैं। जांच के बाद इलाज से भी जोड़े जाएंगे मरीज स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य केवल लोगों की जांच करना नहीं है। स्क्रीनिंग के दौरान किसी बीमारी की आशंका सामने आने पर संबंधित व्यक्ति को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया जाएगा। जरूरत के अनुसार दवाएं उपलब्ध कराने और आगे की जांच तथा उपचार की व्यवस्था से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे त्योहारों के दौरान घर लौटने वाले लोगों को समय रहते अपनी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी मिल सकेगी। एड्स नियंत्रण के 95:95:99 लक्ष्य पर भी जोर यह विशेष अभियान राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के 95:95:99 लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग त्योहारों के दौरान प्रवासियों की बढ़ती आवाजाही को जांच और जागरूकता बढ़ाने के अवसर के रूप में देख रहा है। इसके तहत एचआईवी और सिफलिस की पहचान के साथ अन्य बीमारियों की समय पर जांच पर भी ध्यान दिया जा रहा है।



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