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मोतिहारी। जिउतिया...वह पर्व, जब मांएं अपने बच्चों की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत और पूजा का संकल्प लेती हैं लेकिन इसी पर्व के पहले दिन बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में मौत ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। जिले में अलग-अलग घटनाओं में 11 लोगों की मौत हो गई। इनमें आठ की डूबने, एक की हत्या, एक की फांसी और एक की ट्रेन से कटकर मौत हुई। सबसे हृदयविदारक तस्वीर पहाड़पुर थाना क्षेत्र के इनरवाभार पंचायत के वार्ड संख्या सात से सामने आई, जहां तालाब में स्नान करने गई चार बच्चियां एक साथ डूब गईं। मृतकों में प्रमोद महतो की बेटियां सोनामति (13) और फूलमती (10), वीरेंद्र महतो की बेटी सोनाली कुमारी (10) और अच्छेलाल पासवान की बेटी प्रतिमा कुमारी (12) शामिल हैं। प्रमोद महतो की दोनों बेटियां पड़ोस की बच्चियों के साथ घर से कुछ दूरी पर स्थित तालाब में स्नान करने गई थीं। उन्हें क्या पता था कि जिउतिया के दिन जिस उम्र में बच्चों की लंबी जिंदगी की दुआएं मांगी जा रही थीं, उसी उम्र में उनका जीवन तालाब के पानी में थम जाएगा। एक साथ दो बेटियों को खोने वाले परिवार का दुख पूरे गांव पर भारी है। बाढ़ के पानी में डूबे तीन युवक बंजरिया थाना क्षेत्र में भी तीन परिवारों पर मौत का कहर टूटा। मॉडल थाना भवन बंजरिया-जटवा जाने वाली सड़क के किनारे बाढ़ के पानी में डूबने से तीन युवकों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार गोताखोरों की मदद से शवों को निकाला गया। मृतकों की पहचान चैलाहा टाल निवासी यश राज (17), पिता विनोद कुमार सिंह, समीर देवान (20), पिता बशीर देवान और शकील अंसारी (17), पिता साहेब अंसारी के रूप में हुई है। तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, मोतिहारी भेजे गए।सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिलीप कुमार ने तीनों शव बरामद होने की पुष्टि की है। घोड़ासहन में भी तालाब ने ली किशोरी की जान घोड़ासहन थाना क्षेत्र के निमुइया गांव में 14 वर्षीय काजल कुमारी की तालाब में डूबने से मौत हो गई। वह रामबाबू साह की पुत्री थी। पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। इस तरह जिले में जिउतिया के पहले ही दिन आठ लोगों की जान पानी में डूबने से चली गई। तीन अलग-अलग घटनाओं ने भी छोड़ा गहरा जख्म आदापुर थाना क्षेत्र के कलवारी मंझरिया में 30 वर्षीय सुनीता देवी की हत्या कर दी गई। उसके गर्दन और छाती पर जख्म के निशान मिले हैं। रघुनाथपुर थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय नन्दनी कुमारी ने फांसी लगाकर जान दे दी। वह संग्रामपुर थाना क्षेत्र के मधुबनी गांव निवासी मुन्ना साह की पुत्री थी। इधर, लखौरा थाना क्षेत्र के नजीरवा गांव निवासी 45 वर्षीय कृष्णा साह की रक्सौल थाना क्षेत्र में ट्रेन से कटकर मौत हो गई। इन तीन घटनाओं के साथ जिले में दिनभर में मौत का आंकड़ा 11 तक पहुंच गया। मार्च में भी एक साथ छह बच्चों की गई थी जान पूर्वी चंपारण में तालाबों में डूबने की घटनाओं का यह सिलसिला चिंता बढ़ाने वाला है। इसी वर्ष 3 मार्च को होली से एक दिन पहले केसरिया थाना क्षेत्र के लोहरगांवा गांव में तालाब में डूबने से एक साथ छह बच्चों की मौत हुई थी। इनमें तीन बच्चियां एक ही पिता धर्मेंद्र सहनी की संतान थीं। एक ही वर्ष में तालाब में डूबने की दो बड़ी घटनाओं में कई बच्चों की जान जाने से ग्रामीण इलाकों में जलाशयों के आसपास सुरक्षा और निगरानी को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। डीएम ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख की सहायता पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी (डीएम) सौरभ सुमन यादव ने इन त्रासद घटनाओं पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने बताया कि पहाड़पुर में डूबकर मृत चार बच्चियों के परिजनों को तत्काल कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत सहायता दी गई है। इसके अलावा आपदा प्रबंधन के तहत प्रत्येक मृतका के परिजन को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक भेजा गया है। डीएम ने बताया कि डूबने से मृत अन्य चार लोगों के परिजनों को भी आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद सहायता राशि प्रदान की जाएगी। एक तरफ जिउतिया के गीतों और पूजा के बीच मांएं अपने बच्चों की लंबी उम्र मांग रही थीं, दूसरी तरफ पूर्वी चंपारण के कई घरों में उन्हीं बच्चों और अपनों की मौत का मातम था। पर्व का पहला दिन जिले के लिए उत्सव और त्रासदी की ऐसी तस्वीर छोड़ गया, जिसमें प्रार्थना के बीच मौत की खबरें गूंजती रहीं।



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