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मुंबई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में चार प्रतिशत से अधिक गिरावट, रिलायंस इंडस्ट्रीज समेत प्रमुख कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों, विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीददारी और दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर में संभावित राहत की उम्मीद से सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में तूफानी तेजी रही तथा सेंसेक्स 1233.25 अंक उछलकर 75692.78 और निफ्टी 387.70 अंक चढ़कर 23440.80 पर बंद हुआ। सेंसेक्स में 1.66 प्रतिशत, निफ्टी में 1.68 प्रतिशत की तेजी सप्ताह के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार में खरीददारी का जोर रहा। प्रमुख कंपनियों के शेयरों में तेजी से दोनों मुख्य सूचकांक बड़ी बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले कारोबारी सत्र के 74459.53 अंक से बढ़कर 75178.24 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 74978.12 अंक के निचले स्तर तक आया, लेकिन खरीदारी बढ़ने से 75692.78 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। अंत में सेंसेक्स 1233.25 अंक यानी 1.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,692.78 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी पिछले बंद स्तर 23053.10 अंक से बढ़कर 23222.30 अंक पर खुला। दिनभर के कारोबार में निफ्टी 23207.05 अंक के निचले और 23440.80 अंक के ऊपरी स्तर तक पहुंचा। कारोबार समाप्त होने पर निफ्टी 387.70 अंक यानी 1.68 प्रतिशत चढ़कर 23,440.80 अंक पर बंद हुआ। कच्चे तेल में गिरावट ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा शेयर बाजार की तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट प्रमुख वजह रही। ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव 4.25 प्रतिशत से अधिक टूटकर लगभग 108.5 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से कच्चा तेल खरीदकर पूरा करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में नरमी से आयात लागत और महंगाई के दबाव में राहत मिलने की उम्मीद बढ़ती है। इस बदलाव ने निवेशकों की धारणा को मजबूत किया और बाजार में खरीदारी को बढ़ावा मिला। रिलायंस के शेयर में 11.64 प्रतिशत की जबरदस्त छलांग सोमवार की तेजी में रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। कंपनी का शेयर 135.45 रुपये यानी 11.64 प्रतिशत उछलकर 1299 रुपये पर पहुंच गया। रिलायंस के शेयर में इस बड़ी बढ़त का असर ऊर्जा और तेल एवं गैस क्षेत्र के सूचकांकों पर भी दिखाई दिया। कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों ने भी निवेशकों का उत्साह बढ़ाया। इसके अलावा हाल में बिकवाली करने वाले विदेशी संस्थागत निवेशकों की दोबारा शुद्ध खरीदार के रूप में वापसी और दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर में संभावित राहत की उम्मीद ने बाजार की तेजी को सहारा दिया। हालांकि, पूंजीगत लाभ कर में राहत को लेकर उपलब्ध जानकारी केवल बाजार की उम्मीद से संबंधित है, किसी घोषित सरकारी फैसले से नहीं। मझोली और छोटी कंपनियों के शेयर भी चमके बड़ी कंपनियों के साथ मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। बीएसई का 150 मिडकैप सूचकांक 1.23 प्रतिशत बढ़कर 15713.05 अंक पर पहुंच गया। वहीं, बीएसई का 250 स्मॉलकैप सूचकांक 1.53 प्रतिशत चढ़कर 6657.38 अंक पर बंद हुआ। इससे संकेत मिलता है कि सोमवार की तेजी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बाजार के दूसरे हिस्सों में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई। ऊर्जा क्षेत्र में छह प्रतिशत से ज्यादा उछाल क्षेत्रवार प्रदर्शन में ऊर्जा कंपनियों के शेयर सबसे आगे रहे। बीएसई का ऊर्जा सूचकांक 6.06 प्रतिशत चढ़ा जबकि तेल एवं गैस क्षेत्र में 4.89 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। धातु क्षेत्र में 3.13 प्रतिशत, कमोडिटी में 2.55 प्रतिशत, बिजली में 2.42 प्रतिशत और उपयोगिता सेवाओं में 2.24 प्रतिशत की तेजी रही। पूंजीगत सामान बनाने वाली कंपनियों का सूचकांक 2.03 प्रतिशत, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं का सूचकांक 1.95 प्रतिशत और औद्योगिक क्षेत्र का सूचकांक 1.83 प्रतिशत बढ़ा। इनके अलावा सेवा क्षेत्र में 1.29 प्रतिशत, सरकारी बैंकों में 1.24 प्रतिशत, वाहन क्षेत्र में 1.13 प्रतिशत , रियल एस्टेट में 1.09 प्रतिशत और अस्पताल क्षेत्र में 1.11 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। दैनिक उपभोक्ता वस्तुओं का सूचकांक 0.94 प्रतिशत , आवास वित्त क्षेत्र 0.93 प्रतिशत , वित्तीय सेवाएं 0.83 प्रतिशत और बैंकिंग सूचकांक 0.54 प्रतिशत चढ़ा। उपभोक्ता विवेकाधीन वस्तुओं के सूचकांक में 1.16 प्रतिशत की तेजी रही। आईटी और बीमा शेयरों में बिकवाली बाजार में व्यापक तेजी के बावजूद कुछ क्षेत्रों में गिरावट दर्ज की गई। सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी क्षेत्र का सूचकांक 0.30 प्रतिशत नीचे आया। विशेष आईटी सूचकांक में 0.32 प्रतिशत और बीमा क्षेत्र में 0.21 प्रतिशत की गिरावट रही। मझोले और छोटे निजी बैंकों की गुणवत्ता आधारित श्रेणी का सूचकांक भी 0.40 प्रतिशत फिसला। इस तरह ऊर्जा और धातु शेयरों में मजबूत खरीदारी के बीच तकनीकी तथा कुछ वित्तीय शेयर दबाव में रहे। टाटा स्टील, अल्ट्राटेक और एसबीआई में अच्छी खरीदारी सेंसेक्स में रिलायंस के अलावा कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में अच्छी बढ़त रही। टाटा स्टील का शेयर 5.64 प्रतिशत चढ़कर 177.15 रुपये पर पहुंच गया। अल्ट्राटेक सीमेंट में 2.75 प्रतिशत की तेजी रही और इसका शेयर 11,354 रुपये पर बंद हुआ। भारतीय स्टेट बैंक का शेयर 2.71 प्रतिशत बढ़कर 987 रुपये , जबकि एनटीपीसी का शेयर 2.37 प्रतिशत चढ़कर 323.50 रुपये पर पहुंच गया। मारुति सुजुकी का शेयर 2.16 प्रतिशत बढ़कर 11,660 रुपये और बजाज फाइनेंस का शेयर 2.02 प्रतिशत चढ़कर 958.15 रुपये पर बंद हुआ। लार्सन एंड टुब्रो में 2 प्रतिशत , भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में 1.91 प्रतिशत , हिंदुस्तान यूनिलीवर में 1.72 प्रतिशत और एशियन पेंट्स में 1.43 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। बजाज फिनसर्व 1.27 प्रतिशत , इंडिगो 1.21 प्रतिशत , एचडीएफसी बैंक 1.04 प्रतिशत और महिंद्रा एंड महिंद्रा 0.91 प्रतिशत चढ़े। भारती एयरटेल, टाइटन और आईटीसी भी हरे निशान में तेजी वाले अन्य प्रमुख शेयरों में ट्रेंट 0.89 प्रतिशत , भारती एयरटेल 0.83 प्रतिशत , पावर ग्रिड 0.55 प्रतिशत और टाइटन 0.50 प्रतिशत बढ़े। अदाणी पोर्ट्स के शेयर में 0.43 प्रतिशत , इटरनल में 0.20 प्रतिशत और आईटीसी में 0.15 प्रतिशत की बढ़त रही। एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर भी दो रुपये बढ़कर 1,430 रुपये पर पहुंच गया। इन्फोसिस में सबसे ज्यादा गिरावट सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में इन्फोसिस सबसे आगे रही। इन्फोसिस का शेयर 1.61 प्रतिशत गिरकर 1,163 रुपये पर बंद हुआ। कोटक महिंद्रा बैंक में 0.65 प्रतिशत , आईसीआईसीआई बैंक में 0.63 प्रतिशत और सन फार्मा में 0.58 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। एक्सिस बैंक का शेयर 0.47 प्रतिशत , टेक महिंद्रा 0.38 प्रतिशत और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का शेयर 0.04 प्रतिशत नीचे आया। एशियाई बाजारों में भी ज्यादातर तेजी एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में भी मिला-जुला रुख रहा, हालांकि अधिकांश सूचकांक बढ़त में रहे। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 2.24 प्रतिशत उछला। चीन का शंघाई कंपोजिट 1.08 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसेंग 0.42 प्रतिशत चढ़ा। इसके विपरीत जापान का निक्केई सूचकांक 0.33 प्रतिशत गिरावट में रहा।