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मोतिहारी। बिहार को नशामुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से शुरू किए गए अभियान को पूर्वी चंपारण के शहरों से लेकर गांवों तक पहुंचाने की तैयारी तेज हो गई है। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने बुधवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर 27 अक्टूबर से 25 नवंबर तक चार चरणों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा पंचायत स्तर पर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्यक्रम आयोजित करने और नशे के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करने को कहा। ‘नशे की जंजीर तोड़ो, खुशहाल जीवन से नाता जोड़ो’ के संदेश के साथ शुरू इस अभियान में शहरों के सार्वजनिक स्थलों से लेकर गांवों के पंचायत भवनों, स्कूलों और बाजारों तक जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। चार चरणों में चलेगी नशामुक्ति की मुहिम बैठक में मद्य निषेध विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री ने 27 अक्टूबर को राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत पूर्वी चंपारण में करीब एक महीने तक अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित होंगे। पहला चरण 27 से 31 अक्टूबर तक ‘नगर की प्रतिज्ञा’ के नाम से चलेगा। इसमें शहरी क्षेत्रों में लोगों को नशामुक्ति का संदेश दिया जाएगा। दूसरा चरण 1 से 7 नवंबर तक ‘गांव का संकल्प’ होगा, जिसमें पंचायतों और ग्रामीण समुदायों की भागीदारी पर जोर रहेगा। तीसरे चरण में 8 से 16 नवंबर तक ‘पर्व और परिवार’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जबकि चौथा और अंतिम चरण 17 से 25 नवंबर तक ‘युवा जोश’ के नाम से चलेगा। इस तरह अभियान के अलग-अलग चरणों के माध्यम से शहरी आबादी, ग्रामीण परिवारों और युवाओं तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने की योजना है। बस स्टैंड से बाजार तक दिखेगा नशामुक्ति का संदेश अभियान के पहले चरण में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। शहरों के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर नशामुक्ति से जुड़े नारे लिखे जाएंगे। बस स्टैंड, बाजार और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पोस्टर और बैनर लगाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। नगर निकायों के सार्वजनिक कार्यों में इस्तेमाल होने वाले वाहनों से भी नशामुक्ति के संदेश प्रसारित किए जाएंगे। इसके अलावा नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को बताया जाएगा कि नशे की आदत किस तरह व्यक्ति और परिवार के जीवन पर प्रतिकूल असर डाल सकती है। पंचायत भवनों से घर-घर पहुंचेगी जागरूकता ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पंचायती राज विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ग्राम पंचायत भवनों पर नशामुक्ति से जुड़े संदेश लिखे जाएंगे और पोस्टर-बैनर लगाए जाएंगे। पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से ग्रामीणों को अभियान से जोड़ा जाएगा। नशामुक्ति वाहन और एलईडी वैन के जरिए भी गांवों में प्रचार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक अभियान की जानकारी पहुंच सके। प्रशासन की योजना केवल प्रचार सामग्री लगाने तक सीमित नहीं है। ग्रामीणों को जागरूकता कार्यक्रमों में शामिल कर नशामुक्ति के संदेश को जनभागीदारी से आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। हर पंचायत में एक ‘नशामुक्ति मित्र’ बनाने की योजना इस अभियान में जीविका समूहों की महिलाओं को विशेष भूमिका दी गई है। जीविका दीदियां गांवों में लोगों को नशे के नुकसान और नशामुक्त जीवन के लाभों के बारे में बताएंगी। परिवारों और समुदायों के बीच जागरूकता बढ़ाने में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में जीविका दीदियों में से एक ‘नशामुक्ति मित्र’ चुनने की योजना बनाई गई है। नशामुक्ति मित्र के माध्यम से पंचायत स्तर पर जागरूकता गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा। हालांकि, चयन प्रक्रिया और चयनित महिलाओं की संख्या के बारे में अभी अलग से जानकारी नहीं दी गई है। स्कूलों में निबंध और वाद-विवाद, नुक्कड़ नाटकों से संदेश अभियान में विद्यार्थियों और युवाओं को भी जोड़ा जाएगा। शिक्षा विभाग को विद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों में निबंध लेखन, वाद-विवाद तथा विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित करने की जिम्मेदारी दी गई है। इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों और नशामुक्त जीवन के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा। कला जत्था के कलाकार नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से भी लोगों तक संदेश पहुंचाएंगे। इससे अभियान को केवल भाषण और पोस्टर तक सीमित रखने के बजाय संवाद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए आगे बढ़ाने की तैयारी है। डीएम ने दिए बड़े जागरूकता कार्यक्रम की तैयारी के निर्देश जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने सहायक आयुक्त, मद्य निषेध को जिला स्तर पर बड़े जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने अभियान से जुड़े विभागों को अपनी जिम्मेदारियों के अनुसार कार्यक्रमों की तैयारी करने को कहा, ताकि निर्धारित अवधि में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गतिविधियां संचालित की जा सकें। बैठक में नगर आयुक्त आशीष कुमार, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी तथा स्वास्थ्य, शिक्षा और जीविका से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।



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