Full Story
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित 1 लाख 60 हजार 201 परिवारों के बैंक खातों में 112.14 करोड़ रुपये की राहत राशि सीधे हस्तांतरित की और घोषणा की कि बाढ़ से फसल गंवाने वाले किसानों को 14 अक्टूबर को कृषि इनपुट अनुदान दिया जाएगा, जबकि अधिकारियों को राहत से वंचित पात्र परिवारों की पहचान करने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचों की मरम्मत दीपावली से पहले पूरी करने का निर्देश दिया गया है। दूसरे चरण में 1.60 लाख परिवारों को मिले 7-7 हजार रुपये मुख्यमंत्री ने अनुग्रहिक अनुदान वितरण के दूसरे चरण में 1 लाख 60 हजार 201 बाढ़ प्रभावित परिवारों को प्रति परिवार 7 हजार रुपये की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। कुल 112.14 करोड़ रुपये की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और पात्र लोगों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी रहेगी। अब तक 10.37 लाख परिवारों को 726.17 करोड़ की सहायता राज्य सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, पहले चरण में 15 सितंबर 2026 को 8 लाख 77 हजार 190 बाढ़ प्रभावित परिवारों के खातों में 614.03 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए थे। इस तरह दोनों चरणों को मिलाकर अब तक 10 लाख 37 हजार 391 परिवारों को कुल 726.17 करोड़ रुपये की राहत राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। दोनों चरणों में प्रत्येक लाभार्थी परिवार को 7 हजार रुपये की दर से अनुग्रहिक अनुदान दिया गया है। 14 अक्टूबर को किसानों के खातों में पहुंचेगा फसल क्षति अनुदान श्री चौधरी ने बाढ़ से प्रभावित किसानों के लिए भी राहत की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फसलों को बाढ़ से नुकसान पहुंचा है, उन्हें 14 अक्टूबर को कृषि इनपुट अनुदान की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को किसानों तक निर्धारित समय पर सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। राहत से छूटे परिवारों की पहचान करेंगे जिलाधिकारी मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ राहत सहायता से वंचित रह गए पात्र परिवारों की पहचान की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों को भी सहायता वितरण की प्रक्रिया में शामिल किया जाए, ताकि कोई पात्र परिवार सरकारी राहत से वंचित न रह जाए। उन्होंने बाढ़ के दौरान राहत और बचाव कार्यों में संबंधित विभागों तथा जिला प्रशासन के प्रयासों का भी उल्लेख किया। दीपावली से पहले दुरुस्त होंगी बाढ़ से टूटी सड़कें मुख्यमंत्री ने बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों और अन्य आधारभूत संरचनाओं की मरम्मत तथा बहाली का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दीपावली से पहले मरम्मत और पुनर्स्थापन का काम पूरा किया जाए, ताकि लोगों को आवागमन और रोजमर्रा की गतिविधियों में परेशानी न हो। बाढ़ से नुकसान घटाने के लिए बनेगी दीर्घकालिक योजना श्री चौधरी ने कहा कि बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए स्थायी समाधान जरूरी है। उन्होंने बताया कि भविष्य में बाढ़ से होने वाली क्षति को कम करने के उद्देश्य से ठोस और दीर्घकालिक योजना तैयार करने पर काम किया जा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने राज्यवासियों को दशहरा की शुभकामनाएं देते हुए बिहार की समृद्धि और सभी परिवारों की खुशहाली की कामना की। उपमुख्यमंत्री, मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेन्द्र प्रसाद यादव, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत तथा आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल उपस्थित रहे। इसके अलावा पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और संजय कुमार सिंह, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि, ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक तथा कृषि विभाग के निदेशक मुकेश कुमार लाल भी मौजूद रहे। सभी जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।



Comments
0