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मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिला मुख्यालय मोतिहारी में अपराधियों ने दिनदहाड़े एक सरकारी कर्मचारी के घर धावा बोलकर करीब 50 लाख रुपये मूल्य के आभूषण और नकदी लूट लिये। पिस्तौल के बल पर घर में मौजूद पत्नी, पुत्री और छोटे बेटे को बंधक बनाकर अंजाम दी गयी इस वारदात ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये हैं। सबसे गंभीर पहलू यह है कि अपराधियों ने शहर के प्रमुख और घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया और घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का हार्ड डिस्क भी उखाड़कर ले गये। घटना गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे आजादनगर के एकौना मानसपूरी स्थित सिंह द्वार के पास हुई। पीड़ित अनिल गुप्ता मोतिहारी के ग्रामीण कार्य विभाग (आरईओ) कार्यालय में लेखापाल के पद पर कार्यरत हैं। घटना के समय घर में उनकी पत्नी, पुत्री और छोटा बेटा मौजूद थे। जानकारी के अनुसार, पांच से छह की संख्या में पहुंचे हथियारबंद बदमाशों ने पिस्तौल के बल पर तीनों को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद घर में रखे आभूषण और नकदी समेटकर फरार हो गये। लूटे गये सामान की कुल कीमत करीब 50 लाख रुपये बतायी जा रही है। वारदात के दौरान बदमाश घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का हार्ड डिस्क भी उखाड़ ले गये। इतना ही नहीं, वे मोबाइल फोन और उसमें लगा सिम कार्ड भी अपने साथ ले गये। अपराधियों की यह कार्रवाई जांच के लिए महत्वपूर्ण है, हालांकि इसका उद्देश्य क्या था, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। शहर के बीचोंबीच वारदात, सुरक्षा पर सवाल आजादनगर का संबंधित इलाका मोतिहारी के प्रमुख और घनी आबादी वाले मुहल्लों में शामिल है। ऐसे रिहायशी क्षेत्र में शाम के समय हथियारबंद बदमाशों का घर में घुसना, परिवार के तीन सदस्यों को बंधक बनाना और लाखों की संपत्ति लेकर निकल जाना कई सवाल खड़े करता है। बदमाशों ने वारदात को कितनी देर में अंजाम दिया, वे किस रास्ते से आये और किस दिशा में फरार हुए, इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच से मिलने की उम्मीद है। घटना की सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की। नगर थाना पुलिस और जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) की टीम घटनास्थल पर जांच में जुटी है। पुलिस आसपास के अन्य सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और अपराधियों की पहचान तथा गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। एसपी ने बताया प्रथम दृष्टया मामला संदेहास्पद पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि बलुआ लूट मामले की छानबीन की जा रही है। नगर थाना और डीआईयू की टीम घटनास्थल पर मौजूद है। उन्होंने प्रथम दृष्टया मामले को संदेहास्पद बताते हुए कहा कि पुलिस सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। करीब 50 लाख रुपये की कथित लूट और परिवार के तीन सदस्यों को बंधक बनाये जाने की सूचना के बीच अब पुलिस जांच से यह स्पष्ट होना बाकी है कि घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं, बदमाशों की पहचान कैसे होगी और कथित लूट की पुष्टि किन साक्ष्यों से होती है।