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नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश (यूपी) के जालौन जिले में राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने यूपी एटीएस की मदद से एक गांव में चल रही सिंथेटिक ड्रग्स बनाने की अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर करीब 1100 किलोग्राम नशीले पदार्थ और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायन जब्त किए हैं तथा इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। सुनसान गांव में चल रही थी ड्रग्स बनाने की लैब डीआरआई को खुफिया जानकारी मिली थी कि जालौन जिले के एक दूरदराज गांव में गुपचुप तरीके से सिंथेटिक ड्रग्स तैयार की जा रही हैं। सूचना की पुष्टि के बाद डीआरआई अधिकारियों की बड़ी टीम ने उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (यूपी एटीएस) के सहयोग से कार्रवाई की योजना बनाई। संयुक्त टीम ने गुरुवार को संदिग्ध परिसर पर छापा मारा। तलाशी शुरू हुई तो वहां ड्रग्स बनाने की पूरी तरह चालू प्रयोगशाला मिली। फैक्ट्री में नशीले पदार्थ तैयार करने के लिए जरूरी केमिकल और उपकरण मौजूद थे। लैब से 184 किलो अर्द्धनिर्मित ड्रग्स बरामद छापेमारी के दौरान अधिकारियों को फैक्ट्री से करीब 184 किलोग्राम अधबने नशीले पदार्थ मिले। इसके अलावा लगभग 582 किलोग्राम ऐसे रसायन जब्त किए गए, जिनका इस्तेमाल सिंथेटिक ड्रग्स तैयार करने में किया जा रहा था। जांच टीम ने निर्माण प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी अपने कब्जे में ले लिए। बरामद सामग्री से साफ हुआ कि यह कोई अस्थायी ठिकाना नहीं बल्कि नशीले पदार्थों के उत्पादन के लिए तैयार की गई सक्रिय लैब थी। आरोपियों के घरों से भी मिला ड्रग्स का जखीरा फैक्ट्री पर छापेमारी के बाद डीआरआई ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए आरोपियों के आवासीय परिसरों की तलाशी ली। एक आरोपी के घर से करीब 15.4 किलोग्राम तैयार मेथाक्वालोन बरामद हुआ। इसके साथ लगभग 153 किलोग्राम केमिकल और ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाली एक मशीन भी जब्त की गई। इसके बाद दूसरे आरोपी के परिसर में तलाशी के दौरान करीब 168 किलोग्राम अतिरिक्त रसायन बरामद हुए। इस तरह फैक्ट्री और आरोपियों के ठिकानों से कुल मिलाकर लगभग 1100 किलोग्राम तैयार एवं अर्द्धनिर्मित नशीले पदार्थ तथा उनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रसायन जब्त किए गए। दो गिरफ्तार, एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई डीआरआई ने इस अवैध ड्रग्स निर्माण केंद्र से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (एनडीपीएस एक्ट) के तहत कार्रवाई की गई है। संगठित ड्रग्स नेटवर्क के संकेत डीआरआई सूत्रों ने बताया कि इतनी बड़ी मात्रा में तैयार ड्रग्स, अधबने नशीले पदार्थ, रसायन और मशीनों की बरामदगी से संगठित स्तर पर अवैध उत्पादन होने के संकेत मिले हैं। फैक्ट्री में न केवल नशीले पदार्थ बनाए जा रहे थे बल्कि आगे उत्पादन जारी रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में कच्चा माल भी रखा गया था। इस कार्रवाई से ड्रग्स बनाने की एक बड़ी अवैध इकाई बंद हुई है। साथ ही भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और रसायन जब्त होने से आगे होने वाले उत्पादन पर भी रोक लगी है। ड्रग्स की सप्लाई चेन पर भी नजर डीआरआई ने स्पष्ट किया है कि उसकी कार्रवाई केवल अवैध फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं है। नशीले पदार्थों के निर्माण से जुड़े नेटवर्क और उन्हें कच्चा माल उपलब्ध कराने वाली आपूर्ति व्यवस्था को भी निशाना बनाया जा रहा है। जालौन में हुई इस कार्रवाई को देश में सिंथेटिक ड्रग्स के अवैध उत्पादन के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।



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