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मोतिहारी। सांसद एवं पूर्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने शुक्रवार को गांधी जयंती के अवसर पर मोतिहारी में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और स्वच्छता, स्वदेशी, स्वावलंबन तथा राष्ट्र निर्माण के गांधीवादी विचारों को जीवन में उतारने का आह्वान किया। श्री सिंह ने दिन की शुरुआत गायत्री मंदिर के निकट मोतिझील घाट और राजेंद्र बाल उद्यान में आयोजित स्वच्छता अभियान में भाग लेकर की। उन्होंने स्वयं सफाई अभियान में सहभागिता करते हुए लोगों से सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने तथा स्वच्छता को किसी एक दिन के अभियान तक सीमित न रखकर जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के विचारों में स्वच्छता का विशेष महत्व था। गांधीजी का मानना था कि स्वच्छता और स्वतंत्रता में से किसी एक को चुनना पड़े तो स्वच्छता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत का लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी और सहभागिता से हासिल किया जा सकता है। इसके बाद सांसद ने गांधी स्मारक पर पुष्प अर्पित कर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि चंपारण की धरती महात्मा गांधी के सत्याग्रह की ऐतिहासिक भूमि रही है और इसलिए यहां गांधी जयंती का महत्व और भी बढ़ जाता है। गांधीजी ने चंपारण में किसानों की समस्याओं को समझते हुए सत्य और अहिंसा के माध्यम से संघर्ष का रास्ता अपनाया था। उन्होंने कहा कि चंपारण सत्याग्रह ने देश को यह संदेश दिया कि अन्याय के विरुद्ध सत्य, अहिंसा और जनभागीदारी के माध्यम से भी संघर्ष किया जा सकता है। गांधीजी का चंपारण आगमन भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण घटना थी। चरखा पार्क में सिलिकॉन प्रतिमा का अनावरण श्री सिंह ने चरखा पार्क में महात्मा गांधी की सिलिकॉन प्रतिमा का अनावरण भी किया। उन्होंने कहा कि चरखा गांधीजी के स्वावलंबन, श्रम, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के विचारों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बापू की प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगी और युवाओं को गांधीजी के जीवन एवं विचारों से जोड़ने में स्मृति स्थलों की महत्वपूर्ण भूमिका है।उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की भावना गांधीजी के स्वदेशी और स्वावलंबन के विचारों से भी जुड़ी है। स्थानीय उत्पादों, कारीगरों, किसानों, छोटे उद्यमियों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को प्रोत्साहन देने से रोजगार तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। स्वतंत्रता सेनानी परिवारों का सम्मान चरखा पार्क में आयोजित समारोह में सांसद ने स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी असंख्य ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। स्वतंत्रता सेनानी परिवारों का सम्मान उस पूरी पीढ़ी के प्रति सम्मान है, जिसने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उन्होंने नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और उसके संघर्षों से परिचित कराने की आवश्यकता पर बल दिया। ‘वोकल फॉर लोकल’ स्टॉल का उद्घाटन सांसद ने चरखा पार्क के निकट ‘वोकल फॉर लोकल’ स्टॉल का उद्घाटन किया और स्थानीय उत्पादों तथा स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने से कारीगरों, महिलाओं, युवाओं, छोटे उद्यमियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना गांधीजी के स्वदेशी और स्वावलंबन के विचारों से मेल खाती है। स्थानीय शिल्प और उद्यमों को प्राथमिकता देकर आत्मनिर्भर समाज के निर्माण में योगदान दिया जा सकता है। शास्त्री को भी किया नमन इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न लालबहादुर शास्त्री की जयंती पर श्री सिंह ने चरखा पार्क में उनके तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने शास्त्रीजी को सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जीवन त्याग और सेवा की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि शास्त्रीजी का ‘जय जवान, जय किसान’ का आह्वान आज भी देश के जवानों और किसानों के योगदान के प्रति सम्मान की प्रेरणा देता है। संध्या समय श्री सिंह ने गांधी मैदान में क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में मछुआरा आयोग के अध्यक्ष ललन सहनी, मोतिहारी विधायक प्रमोद कुमार, उप महापौर डॉ. लालबाबू प्रसाद, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अखिलेश सिंह, निवर्तमान भाजपा जिलाध्यक्ष सह उपाध्यक्ष गांधी संग्रहालय प्रकाश अस्थाना, सुधांशु रंजन, मीना मिश्रा, नीता शर्मा, साजिद रजा, गुलरेज शहजाद, रिषभ झा, विनोद कुशवाहा, सुधीर कुमार गुप्ता सहित अन्य लोग मौजूद थे।



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