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सीवान। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित असर से 29 और 30 अक्टूबर को बिहार के विभिन्न इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवा और वज्रपात की आशंका को देखते हुए सीवान जिला प्रशासन ने मंगलवार को अलर्ट जारी कर संबंधित विभागों को राहत-बचाव और जलनिकासी की तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया है। जिला प्रशासन की ओर से 27 अक्टूबर को जारी एडवाइजरी में लोगों से मौसम बिगड़ने पर विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। 29-30 अक्टूबर को बारिश का जोर, 31 को भी खतरा मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर 2026 को बिहार के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इस दौरान तेज हवा चलने, बादल गरजने और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है। 31 अक्टूबर को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में प्रशासन ने संबंधित विभागों को तीनों दिनों के दौरान मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा है। हालांकि, पूर्वानुमान में सीवान जिले के किन इलाकों में कितनी बारिश होगी, इसका अलग से विवरण नहीं दिया गया है। जलजमाव रोकने के लिए नालों की सफाई का निर्देश भारी बारिश की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने शहरी क्षेत्रों में जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने पर विशेष जोर दिया है। नगर परिषद और नगर पंचायतों के कार्यपालक पदाधिकारियों को नालों की सफाई सुनिश्चित करने तथा उन स्थानों की पहचान करने का निर्देश दिया गया है, जहां बारिश के दौरान पानी जमा होने की आशंका रहती है। निचले इलाकों, जर्जर भवनों और जलनिकासी नालों की स्थिति की तत्काल जांच करने को भी कहा गया है। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि जरूरत पड़ने पर पानी निकालने के लिए पंप सेट और डी-वाटरिंग की व्यवस्था पहले से तैयार रखी जाए, ताकि भारी बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या बढ़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। नाव, गोताखोर और राहत सामग्री की होगी जांच संभावित आपदा से निपटने के लिए सभी अंचल अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में उपलब्ध बचाव संसाधनों की समीक्षा करने को कहा गया है। इसके तहत गोताखोरों और नावों की उपलब्धता के साथ पॉलिथीन शीट तथा अन्य राहत सामग्री की स्थिति जांचने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बारिश से किसी इलाके में आपात स्थिति उत्पन्न होने पर राहत और बचाव कार्य शुरू करने में देरी न हो। तेज हवा से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई तो तुरंत मरम्मत मौसम खराब होने के दौरान बिजली के तार और खंभे क्षतिग्रस्त होने की आशंका को देखते हुए बिजली विभाग को भी सतर्क किया गया है। विभाग को निर्देश दिया गया है कि तेज हवा या बारिश से बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति में मरम्मत के लिए टीमें तैयार रहें। प्रशासन ने विशेष रूप से बिजली के क्षतिग्रस्त तारों और खंभों के आसपास लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। बिजली चमके तो खुले मैदान और पेड़ों से रहें दूर जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज हवा, मेघगर्जन और वज्रपात के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें। सावधानी के लिए प्रशासन ने ये निर्देश दिए हैं, जिनमें आंधी और वज्रपात के दौरान पक्के मकान या सुरक्षित आश्रय में रहें। खुले मैदान में जाने से बचें। बारिश या बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें। बिजली के खंभों और तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। सोशल मीडिया पर मौसम से जुड़ी अफवाहें या अपुष्ट सूचनाएं साझा न करें। मौसम विभाग और जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें शामिल हैं।