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सीवान। लोक आस्था के महापर्व छठ पर व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं और जिलाधिकारी (डीएम) विजय प्रकाश मीणा ने शनिवार को शहर के प्रमुख छठ घाटों का निरीक्षण कर अधिकारियों को सभी जरूरी इंतजाम समय पर पूरे करने तथा किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। पुलवा से महादेवा तक घाटों का लिया जायजा जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ शहर के पुलवा, श्रीनगर घाट, शिव व्रत साह, महादेवा और विदुरती हाता समेत कई छठ घाटों का दौरा किया। उन्होंने घाटों की मौजूदा स्थिति, वहां पहुंचने के रास्तों और श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान डीएम ने साफ किया कि छठ पूजा की तैयारियों में देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ युद्धस्तर पर काम पूरा करने का निर्देश दिया गया। खतरनाक जगहों पर बैरिकेडिंग, तैनात होंगे गोताखोर डीएम ने अधिकारियों को घाटों के खतरनाक हिस्सों की पहचान कर वहां बैरिकेडिंग कराने का निर्देश दिया, ताकि श्रद्धालु असुरक्षित स्थानों तक न पहुंचें। जरूरत के अनुसार गोताखोर और आपदा मित्रों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यकता पड़ने पर राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम भी लगाई जाएगी। वॉच टावर से होगी भीड़ की निगरानी घाटों पर श्रद्धालुओं की गतिविधियों और भीड़ पर नजर रखने के लिए वॉच टावर बनाने का निर्देश दिया गया है। अर्घ्य के समय प्रशासनिक निगरानी लगातार जारी रखने को कहा गया है, ताकि किसी तरह की परेशानी होने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। भीड़ प्रबंधन के साथ वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए भी अलग रणनीति तैयार करने का निर्देश दिया गया। इसका उद्देश्य घाटों तक पहुंचने और वहां से लौटने के दौरान श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी से बचाना है। चेंजिंग रूम से शौचालय तक मिलेंगी सुविधाएं जिलाधिकारी ने छठ घाटों पर महिलाओं और व्रतियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने प्रत्येक घाट पर चेंजिंग रूम और शौचालय की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही पर्याप्त रोशनी और बिजली की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि शाम और सुबह के अर्घ्य के दौरान श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। महिलाओं की सुरक्षा तथा बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भी विशेष इंतजाम किए जाएंगे। घाटों पर लगेंगे मेडिकल और प्रशासनिक कैंप छठ पूजा के दौरान किसी श्रद्धालु की तबीयत खराब होने या अन्य आपात स्थिति पैदा होने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी भी की जा रही है। डीएम ने घाटों पर चिकित्सा शिविर लगाने का निर्देश दिया है। इसके अलावा प्रशासनिक शिविर भी स्थापित किए जाएंगे, जहां से घाटों की व्यवस्था और सुरक्षा की निगरानी की जा सकेगी। अधिकारियों को अर्घ्य के दौरान लगातार सतर्क रहने और जरूरी सेवाएं उपलब्ध रखने को कहा गया है। सफाई के साथ सीढ़ियों और रास्तों की भी होगी मरम्मत निरीक्षण के दौरान घाटों पर जमा कूड़ा-कचरा हटाने और साफ-सफाई का काम तेजी से पूरा कराने का निर्देश दिया गया। डीएम ने घाटों की क्षतिग्रस्त सीढ़ियों की मरम्मत कराने और वहां तक जाने वाले संपर्क मार्गों को दुरुस्त करने को भी कहा। उन्होंने घाटों को स्वच्छ और आकर्षक बनाने के लिए रंग-रोगन तथा सजावट कराने का निर्देश दिया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को जागरूक करने के लिए घाटों पर सकारात्मक संदेश वाले स्लोगन लिखवाने को भी कहा गया। बाहर से लौटने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा पर भी ध्यान श्री मीणा ने कहा कि छठ पर्व सीवान की सांस्कृतिक पहचान और लोक आस्था से गहराई से जुड़ा है। इस अवसर पर दूसरे शहरों और राज्यों में रहने वाले लोग भी अपने परिवार के साथ पर्व मनाने घर लौटते हैं। ऐसे में घाटों पर पहुंचने वाले हर श्रद्धालु को साफ-सुथरा, सुंदर और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप व्रतियों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरे करने को कहा।