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सीवान। बिहार के सीवान जिले में जामो बाजार थाना क्षेत्र के अलमापुर में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद जिला प्रशासन ने पटाखों के गैरकानूनी कारोबार के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। दीपावली और छठ पर्व के मद्देनजर 24 और 25 अक्टूबर को जिलेभर में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 268 दुकानों और प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जिसमें 871 किलोग्राम पटाखे जब्त किए गए, आठ गोदाम सील किए गए और अवैध बिक्री तथा भंडारण के मामलों में आठ प्राथमिकी दर्ज की गईं। 268 प्रतिष्ठानों की जांच में सिर्फ चार के लाइसेंस वैध जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उपेंद्र कुमार यादव ने सोमवार को बताया कि जिलाधिकारी (डीएम) विजय प्रकाश मीणा और पुलिस अधीक्षक (एसपी) भारत सोनी के संयुक्त आदेश पर शहरी और ग्रामीण इलाकों में व्यापक जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान थोक और खुदरा पटाखा दुकानों के साथ भंडारण स्थलों की भी जांच की गई। अभियान में कुल 268 दुकानों और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण हुआ। इनमें सिर्फ 14 प्रतिष्ठानों के पास पटाखों की बिक्री से संबंधित लाइसेंस मिले। इन 14 लाइसेंसों की जांच में महज चार वैध पाए गए, जबकि बाकी 10 की अवधि पहले ही समाप्त हो चुकी थी। इस तरह निरीक्षण किए गए 268 प्रतिष्ठानों में केवल चार के पास ही वैध बिक्री लाइसेंस पाए गए। आठ गोदाम सील, अवैध कारोबार पर आठ प्राथमिकी जांच के दौरान कई स्थानों पर पटाखों के भंडारण में अनियमितताएं सामने आईं। बड़ी संख्या में कार्टूनों में पटाखे रखे मिलने और भंडारण संबंधी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रशासन ने आठ गोदामों को मौके पर ही सील कर दिया। अवैध पटाखा बिक्री और भंडारण से जुड़े मामलों में आठ प्राथमिकी भी दर्ज की गई हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पटाखों के कारोबार में निर्धारित कानूनी प्रावधानों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। 871 किलो पटाखे, 32 किलो कच्चा माल बरामद विशेष अभियान के दौरान जांच टीमों ने कुल 871 किलोग्राम पटाखे जब्त किए। इसके अलावा 48 बोरे, 259 कार्टन, दो छोटे कार्टन, 10 छोटे पॉकेट और एक झोला सामग्री भी बरामद की गई। कार्रवाई में 32 किलोग्राम कच्चा माल भी मिला, जिसमें पांच किलोग्राम बारूद शामिल है। जब्त किए गए अवैध पटाखों और संबंधित सामग्री का निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार जल्द ही सुरक्षित विनष्टीकरण किया जाएगा। सुरक्षित भंडारण के लिए एक भी प्रतिष्ठान नहीं दिखा उपयुक्त जांच में सामने आई एक और गंभीर बात ने पटाखों के भंडारण की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन के मुताबिक, निरीक्षण किए गए प्रतिष्ठानों में कोई भी ऐसा उपयुक्त स्थान उपलब्ध नहीं करा सका, जो गैर-आवासीय क्षेत्र में हो और पटाखों के सुरक्षित भंडारण के निर्धारित मानकों पर खरा उतरता हो। यह स्थिति इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि अलमापुर में रिहायशी इलाके के भीतर अवैध पटाखा निर्माण के दौरान भीषण विस्फोट हो चुका है। प्रशासन अब बिक्री के लाइसेंस के साथ भंडारण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। थानाध्यक्ष, सीओ और राजस्व अधिकारियों की संयुक्त टीमें सक्रिय यह अभियान विस्फोटक अधिनियम, 1884 और विस्फोटक नियमावली, 2008 के प्रावधानों के तहत चलाया गया। इसके लिए संबंधित थानाध्यक्षों, अंचलाधिकारियों (सीओ) और राजस्व अधिकारियों को मिलाकर संयुक्त जांच टीमें बनाई गई थीं। इन टीमों ने 24 और 25 अक्टूबर को जिले के अलग-अलग इलाकों में पटाखा दुकानों और गोदामों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान लाइसेंस की वैधता, भंडारण की स्थिति और नियमों के पालन की पड़ताल की गई। डीएम-एसपी का आदेश, कोई भी पटाखा दुकान जांच से न छूटे जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने अभियान को और व्यापक बनाने का निर्देश दिया है। दोनों अधिकारियों ने जिले के दोनों अनुमंडलों और संबंधित थाना क्षेत्रों में सभी पटाखा दुकानों की जांच सुनिश्चित करने को कहा है। प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि शत-प्रतिशत दुकानों और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण हो तथा कोई भी कारोबारी जांच के दायरे से बाहर न रहे। इस निर्देश के बाद पटाखों की बिक्री और भंडारण से जुड़े प्रतिष्ठानों पर प्रशासनिक निगरानी और बढ़ने की संभावना है। रात 8 से 8:30 बजे तक पटाखे जलाने की अपील, ग्रीन पटाखों पर जोर जिला प्रशासन ने दीपावली और छठ पर्व के दौरान आम लोगों से भी पटाखों के इस्तेमाल में सावधानी बरतने की अपील की है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि रात आठ बजे से 8:30 बजे तक ही पटाखे फोड़ने की अनुमति है। केवल निर्धारित मानकों वाले हरित यानी ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति होगी, जबकि प्रतिबंधित पटाखों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। प्रशासन ने लोगों से जारी नियमों और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा है। घर या दुकान में अवैध पटाखे हैं तो पुलिस को दें सूचना जिला प्रशासन ने पटाखा कारोबारियों के साथ आम नागरिकों से भी सहयोग मांगा है। प्रशासन ने अपील की है कि यदि किसी के पास अवैध रूप से पटाखे रखे हैं या ऐसे भंडारण की जानकारी है, तो तत्काल नजदीकी थाने को सूचना दें। ऐसी सामग्री के सुरक्षित विनष्टीकरण के लिए प्रशासन की मदद लेने को भी कहा गया है। जांच में अवैध भंडारण मिलने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।