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पटना। बिहार के औरंगाबाद जिले में बरामद किए गए जाली नोटों के मामलों की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी। एनआईए ने विशेष अदालत के न्यायाधीश विपिन कुमार की अदालत में अपनी दर्ज की गई प्राथमिकी संख्या आरसी 02/2026 सौंप दी है। इसके साथ ही मामले के सभी अभिलेखों की मांग स्थानीय पुलिस एवं अदालत से की गई है। विशेष अदालत ने मामले में सुनवाई के लिए 18 नवंबर 2026 की अगली तिथि निश्चित की है। मामले की प्राथमिकी के अनुसार, औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना की पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि थाना मोड़ के पास कुछ लोग भारतीय जाली मुद्रा के साथ हैं। पुलिस ने छापेमारी कर सुरेंद्र कुमार को एक लाख 48 हजार 500 रुपये के भारतीय जाली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। इस अभियुक्त की निशानदेही पर पुलिस ने एक अन्य अभियुक्त विजय यादव को गिरफ्तार किया था और उसके पास से एक लाख के जाली नोट बरामद किए थे। बरामद सभी नोट 500 रुपये के थे। मदनपुर थाने में इस कांड से संबंधित प्राथमिकी संख्या 317/2026 दर्ज की गई थी। मामले में विजय यादव, सुरेंद्र कुमार, रंजय पासवान और प्रदीप साव को अभियुक्त बनाया गया था। मामले में अंतरराज्यीय संबंध पाए जाने के बाद मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई है।



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