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मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को भारी उतार-चढ़ाव के बीच जोरदार वापसी देखने को मिली और शुरुआती कारोबार में 600 अंक से ज्यादा गिरने वाला सेंसेक्स दिन के अंत में 482.92 अंक चढ़कर 73,606.75 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 153.20 अंक की बढ़त के साथ 22,753.20 के स्तर पर पहुंच गया। सुबह बिकवाली का दबाव, फिर अचानक बदला मिजाज सप्ताह के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स पिछले बंद स्तर से करीब 134 अंक नीचे 72,990.04 पर खुला। शुरुआती कारोबार में बिकवाली बढ़ने से सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा फिसल गया। हालांकि, इसके बाद बाजार में खरीदारी लौटी और सूचकांक ने अपनी पूरी शुरुआती गिरावट की भरपाई कर ली। कारोबार समाप्त होने तक सेंसेक्स 482.92 अंक यानी 0.66 प्रतिशत मजबूत होकर 73,606.75 पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी 153.20 अंक यानी 0.68 प्रतिशत की तेजी के साथ 22,753.20 पर बंद हुआ। कच्चा तेल सस्ता होते ही बाजार को मिला सहारा शेयर बाजार की इस वापसी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट एक प्रमुख वजह रही। सोमवार को कच्चा तेल करीब 1.5 प्रतिशत सस्ता होकर 115 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया। इसके साथ ही विदेशों के अधिकांश प्रमुख शेयर बाजारों में तेजी ने भी घरेलू निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इन दोनों कारणों से भारतीय बाजार में शुरुआती कमजोरी के बाद खरीदारी का माहौल बना और प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी लौटी रौनक तेजी का असर केवल सेंसेक्स और निफ्टी की बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहा। मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 1.25 प्रतिशत मजबूत हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप-100 में 1.38 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इससे संकेत मिला कि सोमवार की तेजी में बड़ी कंपनियों के साथ छोटे और मझोले शेयरों की भी भागीदारी रही। मेटल शेयरों ने मारी बाजी, फार्मा और ऑयल-गैस भी चमके अलग-अलग क्षेत्रों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो सोमवार को मेटल कंपनियों के शेयर सबसे आगे रहे। निफ्टी मेटल सूचकांक 2.21 प्रतिशत उछल गया। फार्मा, स्वास्थ्य सेवाओं और तेल एवं गैस क्षेत्र के सूचकांकों में भी एक से दो प्रतिशत तक की तेजी दर्ज हुई। इसके अलावा आईटी, ऑटोमोबाइल, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, रियल एस्टेट और एफएमसीजी क्षेत्र के सूचकांक भी बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि, मीडिया और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों से जुड़े सूचकांक इस तेजी में शामिल नहीं हो सके। 3,681 में से 2,062 शेयर चढ़े, बाजार में खरीदारी का पलड़ा भारी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में सोमवार को कुल 3,681 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें 2,062 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 1,525 कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। शेष 94 कंपनियों के शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों की संख्या गिरने वाले शेयरों से अधिक रही, जिससे बाजार में खरीदारी का रुझान साफ दिखाई दिया। अडानी पोर्ट्स, इटरनल और कोटक बैंक सबसे आगे सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से 25 के शेयर हरे निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा तेजी अडानी पोर्ट्स में रही, जिसका शेयर 2.72 प्रतिशत चढ़ा। इटरनल के शेयर में 2.56 प्रतिशत और कोटक महिंद्रा बैंक में 2.53 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। ट्रेंट का शेयर 1.73 प्रतिशत, टाटा स्टील का 1.52 प्रतिशत, भारती एयरटेल का 1.43 प्रतिशत और इंडिगो का 1.39 प्रतिशत मजबूत हुआ। आईटीसी में 1.24 प्रतिशत, बजाज फिनसर्व में 1.15 प्रतिशत और रिलायंस इंडस्ट्रीज में 1.01 प्रतिशत की तेजी रही। अल्ट्राटेक सीमेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), इंफोसिस, एक्सिस बैंक, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, टाइटन, आईसीआईसीआई बैंक, टेक महिंद्रा, टीसीएस और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए। इन चार दिग्गज कंपनियों के शेयरों में रही गिरावट बाजार में व्यापक तेजी के बावजूद कुछ बड़ी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, मारुति सुजुकी और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।हालांकि, सेंसेक्स की 30 में से 25 कंपनियों में बढ़त रहने से प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ कारोबार समाप्त करने में सफल रहा। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, यूरोप में तेजी अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में सोमवार को एक जैसा रुझान नहीं रहा। एशिया में जापान का निक्केई सूचकांक 0.80 प्रतिशत गिर गया। इसके विपरीत हांगकांग का हैंग सेंग 0.51 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.19 प्रतिशत मजबूत हुआ। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान जर्मनी का डैक्स 0.81 प्रतिशत और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.44 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहा था।