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सीवान। दीपावली और छठ के मद्देनजर खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए रविवार को सीवान में शुरू हुए विशेष जांच अभियान के दौरान कचहरी ढाला के पास स्थित पवन बिरियानी में बिना लाइसेंस कारोबार, खुले में मटन-चिकेन पकाने और साफ-सफाई में गंभीर खामियां मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। पवन बिरियानी में जांच के दौरान खुलीं कई खामियां जिलाधिकारी (डीएम) विजय प्रकाश मीणा के निर्देश पर रविवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम शहर के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच करने निकली। कचहरी ढाला के समीप संचालित पवन बिरियानी में पहुंचने पर अधिकारियों को भोजन तैयार करने और ग्राहकों को परोसने की व्यवस्था में कई अनियमितताएं मिलीं। सबसे बड़ी बात यह रही कि प्रतिष्ठान में भोजन बनाने के लिए व्यवस्थित किचेन तक नहीं था। मटन और चिकेन खुले स्थान पर पकाए जा रहे थे। खाद्य पदार्थों को सड़क की धूल, गंदगी और मक्खियों से सुरक्षित रखने के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं मिले। न होटल का लाइसेंस, न ठेला-खोमचा का पंजीकरण खाद्य संरक्षा पदाधिकारी डॉ. विपुल कुमार ने बताया कि जांच के दौरान पवन बिरियानी के संचालक से खाद्य कारोबार का लाइसेंस मांगा गया लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। प्रतिष्ठान के पास न तो होटल-रेस्टोरेंट श्रेणी का लाइसेंस मिला और न ही ठेला-खोमचा श्रेणी में पंजीकरण का प्रमाण उपलब्ध था। इसके बावजूद वहां बड़े पैमाने पर बिरियानी तैयार कर ग्राहकों को बेची जा रही थी। अधिकारियों ने इसे खाद्य सुरक्षा नियमों की गंभीर अनदेखी माना है। तेल की गुणवत्ता पर सवाल, पानी की बोतलों पर भी गड़बड़ी जांच टीम ने भोजन बनाने में इस्तेमाल हो रहे तेल और ग्राहकों को दिए जा रहे पैकेज्ड पानी की भी पड़ताल की। अधिकारियों के अनुसार, खाना पकाने में उपयोग किए जा रहे तेल की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। वहीं, ग्राहकों को उपलब्ध कराई जा रही पानी की बोतलों पर बैच नंबर और अन्य जरूरी विवरण दर्ज नहीं थे। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन खामियों को लेकर आगे की कार्रवाई की बात कही है। संचालक बोला- वर्षों से ऐसे ही परोस रहे खाना निरीक्षण के दौरान पवन बिरियानी के संचालक पवन ने अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से इसी तरीके से भोजन तैयार कर ग्राहकों को परोस रहे हैं और लोग उनके यहां का खाना पसंद करते हैं। हालांकि, संचालक ने यह भी स्वीकार किया कि दुकान सड़क किनारे होने के कारण खाने तक धूल और मक्खियां पहुंचने की आशंका रहती है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ग्राहकों की पसंद के साथ भोजन की स्वच्छता और सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करना भी जरूरी है। पांच अन्य प्रतिष्ठानों की भी जांच अभियान के पहले दिन खाद्य सुरक्षा टीम ने पवन बिरियानी के अलावा शहर के कई मिठाई प्रतिष्ठानों और रेस्टोरेंट का भी निरीक्षण किया। इनमें अपूर्वा स्वीट्स, कुमार स्वीट्स, प्रिया स्वीट्स, हरिलाल रेस्टोरेंट और जैन स्वीट्स शामिल हैं। अधिकारियों ने दुकानों में रखी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, भंडारण और साफ-सफाई की व्यवस्था की जांच की। डॉ. विपुल कुमार के मुताबिक, जांच के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं सामने आई हैं। सैंपल की लैब जांच से तय होगी कार्रवाई निरीक्षण के दौरान संबंधित खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने नमूने लेने की निर्धारित प्रक्रिया पूरी करते हुए फॉर्म-V-ए भी भरा है। अब इन नमूनों को प्रयोगशाला भेजा जाएगा, जहां उनकी गुणवत्ता और शुद्धता की जांच होगी। डॉ. विपुल कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट में खाद्य पदार्थ मानकों के विपरीत पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पवन बिरियानी सील करने की भी संभावना खाद्य सुरक्षा विभाग पवन बिरियानी में मिली अनियमितताओं को लेकर सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। अधिकारियों ने कहा कि प्रतिष्ठान के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी। वरीय अधिकारियों से निर्देश मिलने पर दुकान को सील करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। सात नवंबर तक चलेगा विशेष अभियान जिला प्रशासन ने दीपावली और छठ को देखते हुए एक से सात नवंबर तक जिले में विशेष खाद्य सुरक्षा जांच अभियान चलाने का निर्णय लिया है। अभियान को 'थाली शुद्ध होबे हमार, छठ-दीपावली' नाम दिया गया है। इसके तहत प्रखंडवार मजिस्ट्रेट और खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों की अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। रविवार को अभियान के पहले दिन निरीक्षी पदाधिकारी संतोष कुमार सिन्हा और खाद्य संरक्षा पदाधिकारी डॉ. विपुल कुमार की टीम ने शहर में जांच की।