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मुंबई। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और बॉन्ड यील्ड में गिरावट से निवेशकों का भरोसा बढ़ने से हुई दमदार लिवाली की बदौलत बीते सप्ताह दो प्रतिशत तक की छलांग लगा चुके घरेलू शेयर बाजार की नजर अगले सप्ताह पीएमआई आंकड़े और कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजे के साथ ही अमेरिका के पीएमआई, रोजगार से जुड़े आंकड़े और मध्यावधि चुनावों के परिणाम पर रहेगी। सेंसेक्स 1336 अंक उछला, निफ्टी 23 हजार के पार बीते सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में खरीददारी का जोर रहा। बड़ी कंपनियों के साथ मझौली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई। बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सप्ताहभर में 1335.70 अंक यानी 1.82 प्रतिशत चढ़कर शुक्रवार को 74459.53 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 453.10 अंक यानी दो प्रतिशत की मजबूती के साथ 23053.10 अंक पर पहुंच गया। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और आर्थिक परिस्थितियों में सुधार की उम्मीद ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। मिडकैप ने लगाई 2.5 प्रतिशत की छलांग इस बार बाजार की तेजी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। मझौली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। बीएसई का मिडकैप-150 सूचकांक 378.02 अंक यानी 2.5 प्रतिशत बढ़कर 15521.49 अंक पर बंद हुआ। वहीं, स्मॉलकैप-250 सूचकांक 116.37 अंक अर्थात 1.8 प्रतिशत चढ़कर 6557.02 अंक पर पहुंच गया। मिडकैप शेयरों का प्रदर्शन प्रमुख सूचकांकों से बेहतर रहा। इससे संकेत मिला कि निवेशकों की दिलचस्पी बाजार के अलग-अलग हिस्सों में बनी रही। ट्रेंट में सबसे ज्यादा तेजी, इंडिगो और इंफोसिस भी चमके बीते सप्ताह ट्रेंट सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाला शेयर रहा। ट्रेंट का भाव 149.10 रुपये यानी 5.20 प्रतिशत उछलकर 3,015.10 रुपये पर पहुंच गया। इंडिगो के शेयर में 4.06 प्रतिशत की तेजी आई और यह 4,870 रुपये पर बंद हुआ। वहीं, इंफोसिस 3.37 प्रतिशत चढ़कर 1,182 रुपये पर पहुंच गया। बिजली क्षेत्र की कंपनी एनटीपीसी के शेयर में 2.23 प्रतिशत और पावर ग्रिड में 1.57 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई। इटरनल का शेयर भी 1.54 प्रतिशत बढ़ा। आईटी कंपनियों में टेक महिंद्रा 1.23 प्रतिशत और एचसीएल टेक 1.17 प्रतिशत चढ़े। बैंकिंग शेयरों में एचडीएफसी बैंक ने 1.07 प्रतिशत और कोटक महिंद्रा बैंक ने 0.88 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। इनके अलावा सन फार्मा, आईटीसी, एशियन पेंट्स, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और टाइटन के शेयर भी हरे निशान में बंद हुए। एसबीआई और महिंद्रा के शेयरों में बिकवाली बाजार में तेजी के बावजूद कुछ बड़ी कंपनियों के शेयर गिरावट से नहीं बच सके। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का शेयर 1.94 प्रतिशत टूटकर 961 रुपये पर बंद हुआ। महिंद्रा एंड महिंद्रा में 1.93 प्रतिशत की गिरावट आई और इसका भाव 2,844 रुपये रह गया। अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर 1.47 प्रतिशत फिसलकर 11,050.10 रुपये पर पहुंच गया। टाटा स्टील में 1.06 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 167.70 रुपये पर बंद हुआ। एक्सिस बैंक का शेयर 0.93 प्रतिशत कमजोर होकर 1,214.70 रुपये रह गया। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में 0.78 प्रतिशत, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 0.44 प्रतिशत और अदाणी पोर्ट्स में 0.38 प्रतिशत की गिरावट आई। बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी और बजाज फाइनेंस के शेयर भी नुकसान के साथ बंद हुए। कच्चे तेल की नरमी से बढ़ा निवेशकों का भरोसा कच्चे तेल के दाम घटने और बॉन्ड यील्ड में नरमी आने से शेयर बाजार को मजबूती मिली। बेहतर आर्थिक परिस्थितियों की उम्मीद से निवेशकों ने बाजार में खरीदारी बढ़ाई। इसका फायदा बड़ी कंपनियों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों को भी मिला। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व, यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) और बैंक ऑफ जापान (बीओजे) ने उम्मीद के मुताबिक ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। महंगाई को लेकर इन केंद्रीय बैंकों के सतर्क रुख के कारण ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीदों को ज्यादा बल नहीं मिला। इसके बावजूद निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना रहा और प्रमुख भारतीय सूचकांक सप्ताहभर की बढ़त बचाने में सफल रहे। फार्मा और हेल्थकेयर में तेजी, सीमेंट और तेल-गैस पिछड़े बेहतर तिमाही वित्तीय नतीजों से फार्मा और हेल्थकेयर क्षेत्र के शेयरों को सबसे ज्यादा समर्थन मिला। बॉन्ड यील्ड घटने का फायदा रियल एस्टेट क्षेत्र को भी हुआ। इसके अलावा कच्चे माल की लागत कम होने की उम्मीद से मेटल, रोजमर्रा के उपभोक्ता सामान बनाने वाली कंपनियों यानी एफएमसीजी और वाहन निर्माता कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ी। दूसरी ओर, सीमेंट और तेल एवं गैस क्षेत्र के शेयरों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। पश्चिम एशिया में तनाव ने बढ़ाई बाजार की चिंता सप्ताह के शुरुआती हिस्से में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को राहत मिली थी लेकिन आखिरी दिनों में पश्चिम एशिया में तनाव दोबारा बढ़ने से स्थिति बदलने लगी। तनाव बढ़ने के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल फिर महंगा होने लगा। इससे निवेशकों ने विशेष रूप से मझौली और छोटी कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली की। हालांकि, इस दबाव के बावजूद सेंसेक्स और निफ्टी अपनी साप्ताहिक बढ़त बनाए रखने में कामयाब रहे। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें आने वाले दिनों में शेयर बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती हैं। अगले सप्ताह किन आंकड़ों पर रहेगी नजर आने वाले सप्ताह में घरेलू शेयर बाजार की दिशा तय करने में आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन की बड़ी भूमिका होगी। भारत के परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) के आंकड़ों से देश में कारोबारी गतिविधियों की स्थिति का संकेत मिलेगा। इसके साथ ही कंपनियों के चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के नतीजों के आधार पर अलग-अलग शेयरों में तेजी या गिरावट देखने को मिल सकती है। वैश्विक स्तर पर अमेरिका के पीएमआई और रोजगार से जुड़े आंकड़े महत्वपूर्ण रहेंगे। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के परिणाम भी अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के रुख को प्रभावित कर सकते हैं। इन घटनाक्रमों के कारण घरेलू शेयर बाजार में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों को जल्दबाजी से बचने की सलाह जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर का मानना है कि बाजार में फिलहाल उतार-चढ़ाव जल्दी खत्म होने की संभावना कम है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव दोबारा उभरने और कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बने रहने से निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। बाजार में तेजी देखकर हर शेयर में खरीददारी करने के बजाय मजबूत कारोबार वाली कंपनियों पर ध्यान देना बेहतर होगा। उन्होंने ऐसी कंपनियों के शेयरों में धीरे-धीरे निवेश बढ़ाने की सलाह दी, जिनकी कमाई की संभावनाएं भरोसेमंद हों और जिनका मूल्यांकन उचित स्तर पर हो।