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मोतिहारी। नेपाल में बूढ़ी गंडकी नदी में रविवार तड़के आए विनाशकारी सैलाब ने भारी तबाही मचाई है। गोरखा जिले में दर्जनों घर बह गए, कई पुल नष्ट हो गए और निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। कई लोगों के लापता होने की खबरों के बीच इस सैलाब का असर नेपाल की सीमा से सटे बिहार के पूर्वी और पश्चिमी चंपारण समेत आठ जिलों पर पड़ने की आशंका है। पहले से ही बाढ़ की मार झेल रहे चंपारण के लिए नेपाल से आने वाला पानी नई मुसीबत खड़ी कर सकता है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, बिहार के आठ जिलों को अलर्ट पर रखा गया है। अलर्ट वाले जिलों में पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सारण, वैशाली, शिवहर, सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर शामिल हैं। नेपाल में नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव और अचानक आई बाढ़ के मद्देनजर सीमावर्ती तथा निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है। 35 से 40 घर बहे, कई पुल क्षतिग्रस्त नेपाल के गोरखा जिले की चुमनुबरी और धारचे ग्रामीण नगरपालिकाओं में बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। चुमनुबरी ग्रामीण नगरपालिका के प्रशासनिक प्रमुख नारायण प्रसाद सपकोटा के अनुसार, जगत बगर, सल्लेरी और घट्टीखोला में अनुमानित 35 से 40 घर बह गए। कई बस्तियां जलमग्न हो गईं, जबकि अन्य घरों पर भी खतरा मंडरा रहा है। बाढ़ में न्याकचेत और सिरदिबास तथा माछखोला और केराउजा को जोड़ने वाले पैदल पुल बह गए। आरुघाट ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड दो और तीन को जोड़ने वाला सोती स्थित लोहे का मोटर पुल भी नष्ट हो गया। गोरखा और धाडिंग जिलों को जोड़ने वाला आरुघाट पुल भी क्षतिग्रस्त हुआ है। पुलों के टूटने से प्रभावित इलाकों में आवागमन और राहत-बचाव कार्यों के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। कई लोग लापता, सेना ने छह लोगों को बचाया बाढ़ के बाद कुछ लोगों के लापता होने की सूचना है। चुमचेत में उंगिलुंग नदी के किनारे एक झोपड़ी में ठहरे पांच लोगों का पता नहीं चल पाया है। वहीं, सिरदिबास से चुमलिंग की ओर जा रहे चार से पांच चरवाहों से भी संपर्क टूटने की खबर है। नेपाली सेना ने भूस्खलन के खतरे वाले जगत क्षेत्र से हेलीकॉप्टर की मदद से छह लोगों को सुरक्षित निकाला। शुरुआती रिपोर्टों में किसी की मौत या घायल होने की पुष्टि नहीं हुई थी। 341 मेगावाट की परियोजना को नुकसान बाढ़ का पानी सल्लेरी स्थित निर्माणाधीन 341 मेगावाट की बूढ़ी गंडकी जलविद्युत परियोजना के निर्माण शिविर में घुस गया। इससे निर्माण शिविर और कुछ उपकरण बह गए। माछखोला में कई घर जलमग्न हो गए, जबकि धारचे ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड तीन स्थित सल्लेरी में लगभग 20 से 22 घरों पर खतरा मंडरा रहा है। भूस्खलन से नदी का रास्ता रुकने की आशंका नेपाल के जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, चुमचेत के पास भूस्खलन से किसी सहायक नदी का मार्ग अवरुद्ध होने की आशंका है। इससे पानी जमा होने और अचानक बहाव बढ़ने की स्थिति पैदा हो सकती है। हालांकि, बाढ़ के वास्तविक कारणों की जांच जारी है। उपग्रह चित्रों में संबंधित क्षेत्र में बड़े भूस्खलन के संकेत मिले हैं। नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव को देखते हुए अधिकारियों ने त्रिशूली नदी के किनारे बेनीघाट तक बाढ़ के गंभीर खतरे की चेतावनी दी है। मुग्लिंग, चितवन और नवलपरासी के आसपास के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। नेपाल में जारी तबाही ने बिहार के सीमावर्ती जिलों की चिंता बढ़ा दी है। पूर्वी और पश्चिमी चंपारण पहले ही बाढ़ की मार झेल रहे हैं। ऐसे में नेपाल की नदियों में बढ़ता जलप्रवाह निचले इलाकों की मुश्किलें बढ़ा सकता है। हालांकि, बिहार में संभावित प्रभाव की गंभीरता का आकलन नदी के वास्तविक जलस्तर और आगे के जलप्रवाह के आधार पर ही किया जा सकेगा।



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