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मोतिहारी। बिहार की पूर्वी चंपारण पुलिस ने जाली नोटों के अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच के दौरान गोरखपुर के एक युवक को 19 लाख 98 हजार 500 रुपये अंकित मूल्य के संदिग्ध नोटों के साथ गिरफ्तार किया है जबकि उसके मोबाइल से मिले डिजिटल सुराग के आधार पर पश्चिम चंपारण के बेतिया में छापेमारी कर एक राइफल और 10 कारतूस बरामद किए गए हैं। दो एसयूवी की सूचना पर बिछाया जाल, एक पकड़ाया और दो भाग निकले पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से शुक्रवार को जारी जानकारी के मुताबिक, 28 अक्टूबर की शाम डायल-112 पर सूचना मिली कि उत्तर प्रदेश के रजिस्ट्रेशन नंबर वाली दो एसयूवी (वाहन) मोतिहारी से अरेराज की तरफ जा रही हैं। गाड़ियों में सवार लोगों के जाली भारतीय मुद्रा के कारोबार से जुड़े होने की आशंका जताई गई थी। सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) पंकज कुमार मिश्रा के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। टीम ने हरसिद्धि थाना क्षेत्र के मानिकपुर चौक पर वाहनों की जांच शुरू कर दी। इसी दौरान दोनों संदिग्ध एसयूवी वहां पहुंचीं। पुलिस ने उन्हें रोककर तलाशी शुरू की तो एक गाड़ी से तीन लोग भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर एक युवक को पकड़ लिया जबकि उसके दो साथी फरार हो गए। गिरफ्तार युवक की पहचान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बरहलगंज थाना क्षेत्र स्थित हरिराम शाही टोला निवासी रोहित कुमार शाही के रूप में हुई है। बैग खुला तो निकले 500 के 3997 नोट पकड़े गए युवक के बैग की तलाशी में पुलिस को 500 रुपये के नोटों के 40 बंडल मिले। इनमें कुल 3997 नोट थे, जिनका अंकित मूल्य 19 लाख 98 हजार 500 रुपये है। हालांकि, पुलिस ने अभी इन नोटों के जाली होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। बरामद मुद्रा असली है या नकली, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान रोहित कुमार शाही नोटों के स्रोत और उनसे जुड़े कारोबार के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद पुलिस ने उसके मोबाइल की जांच शुरू की। मोबाइल ने खोले नए राज, एक ही सीरियल नंबर वाले नोटों के फोटो मिले गिरफ्तार युवक के मोबाइल से मिले सुरागों ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस के मुताबिक, मोबाइल में गोरखपुर निवासी सोनू सिंह के साथ नोटों की गड्डियों की तस्वीरें साझा करने और उनसे जुड़ी बातचीत के प्रमाण मिले हैं। जांच के दौरान एक ही क्रमांक वाले पांच नोटों की तस्वीरें भी सामने आईं। इसके अलावा मोबाइल में नकली करेंसी से संबंधित कई वीडियो मिले हैं। पुलिस अब इन तस्वीरों, वीडियो और बातचीत के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्ध नोट कहां से आए और किन लोगों तक पहुंचाए जाने थे। मोतिहारी से बेतिया पहुंची जांच, घर से राइफल और 10 कारतूस मिले रोहित कुमार शाही से पूछताछ और मोबाइल में मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मोतिहारी और बेतिया के कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। इसी क्रम में पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित बनुछापर थाना क्षेत्र के बेलवा निवासी अशोक मिश्रा के घर की तलाशी ली गई। वहां से .350 बोर की एक राइफल और 10 कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने अशोक मिश्रा को जाली नोटों के कथित गिरोह का सक्रिय सदस्य बताया है। हथियार और कारतूस की बरामदगी को लेकर बनुछापर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। गोरखपुर से चंपारण तक जुड़े तार, पुलिस खंगाल रही पूरा नेटवर्क इस कार्रवाई के बाद जांच का दायरा उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से लेकर बिहार के पूर्वी और पश्चिम चंपारण तक पहुंच गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संदिग्ध मुद्रा के पीछे कौन-कौन लोग हैं, नोटों का स्रोत क्या है और इनके वितरण की क्या योजना थी। इसके साथ ही मानिकपुर चौक से फरार हुए दोनों संदिग्धों की तलाश भी जारी है। पुलिस मोबाइल से मिले संपर्कों और डिजिटल साक्ष्यों के जरिए कथित गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। इस कार्रवाई में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पंकज कुमार मिश्रा, हरसिद्धि थानाध्यक्ष सुनील कुमार, हरसिद्धि थाना पुलिस और डायल-112 की टीम शामिल रही।