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मोतिहारी। पूर्वी चंपारण में भारत-नेपाल सीमा के रास्ते मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एसटीएफ नारकोटिक्स सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने सुगौली से करीब 50 लाख रुपये की 1.970 किलोग्राम चरस बरामद कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। रक्सौल से ट्रेन में चरस लेकर पहुंचा था तस्कर पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि सोमवार की रात करीब 8:40 बजे एसटीएफ नारकोटिक्स सेल को सूचना मिली कि रक्सौल से एक व्यक्ति ट्रेन के जरिए चरस की खेप लेकर सुगौली रेलवे स्टेशन पहुंचने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने सुगौली के बंगरा ओवरब्रिज के पास घेराबंदी कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी। इसी दौरान वाहन जांच और तलाशी के बीच एक संदिग्ध पुलिस को देखकर भागने लगा। जवानों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके थैले से चार पैकेट में रखी 1.970 किलोग्राम चरस बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है। एक की निशानदेही पर दो और गिरफ्तार चरस के साथ पकड़े गए तस्करों की पहचान रक्सौल थाना क्षेत्र के हरपुर निवासी 35 वर्षीय गुड्डू साह के रूप में हुई। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने दो अन्य तस्करों को भी गिरफ्तार किया। इनमें पश्चिम चंपारण के सिकटा थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर निवासी 55 वर्षीय रामबालक बैठा शामिल है, जो वर्तमान में नेपाल के बीरगंज स्थित गंडक चौक पर रह रहा था। तीसरा तस्कर पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन थाना क्षेत्र के महुआहीं निवासी 55 वर्षीय धोढ़ा राय है। नेपाली सिम से खुलेगी तस्करी नेटवर्क की कड़ी? गिरफ्तार आरोपितों के पास से दो मोबाइल फोन और तीन नेपाली सिम कार्ड बरामद होने के बाद पुलिस ने नेपाल से जुड़े संपर्कों की जांच तेज कर दी है। पूछताछ के दौरान चरस की आपूर्ति करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। अब मोबाइल फोन और सिम कार्ड से जुड़े संपर्कों की पड़ताल कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चरस की खेप कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। मुख्य सरगना की तलाश में जुटी पुलिस जांच टीम गिरफ्तार आरोपितों से मिली जानकारी के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और नेपाल में सक्रिय संपर्कों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े बड़े नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।