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सीवान। छपरा कचहरी से थावे जा रही पैसेंजर ट्रेन में एक यात्री के ट्रॉली बैग से गहने चोरी होने के मामले में पुलिस ने दो संदिग्धों के घर छापेमारी कर बड़ी संख्या में सोने और चांदी जैसे दिखने वाले आभूषण बरामद किए हैं। पुलिस अब बरामद गहनों का सत्यापन कराने के साथ यह पता लगा रही है कि इनका संबंध दूसरी चोरी की घटनाओं से तो नहीं है और इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है। सरहरी स्टेशन के पास ट्रॉली बैग से चोरी महाराजगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अमन कुमार के अनुसार, घटना 28 जून 2026 की है। बसंतपुर से महाराजगंज जा रहे 19 वर्षीय सचिन सिंह छपरा कचहरी से थावे की ओर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में सफर कर रहे थे। आरोप है कि सरहरी रेलवे स्टेशन के आसपास उनके ट्रॉली बैग से गहने चोरी कर लिए गए। घटना के करीब तीन सप्ताह बाद 20 जुलाई को भगवानपुर हाट थाने में कांड संख्या 308/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई। तकनीकी साक्ष्य से दो संदिग्धों तक पहुंची पुलिस जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्य और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस दरौंधा थाना क्षेत्र के बाल बंगरा निवासी जीतेन्द्र उर्फ जीतन यादव और सारण जिले के एकमा निवासी देवनारायण प्रसाद तक पहुंची। पुलिस ने दोनों के घरों पर अलग-अलग छापेमारी की। एसडीपीओ के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों ने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। मंगलसूत्र से पायल तक, बड़ी संख्या में गहने मिले पुलिस के अनुसार, जीतेन्द्र यादव के घर की तलाशी में सोने जैसे दिखने वाले मंगलसूत्र, ढोलना, मांग टीका, झुमके, झाले, बाली, टॉप, नाक की कील, नथुनी, लॉकेट और चेन समेत कई आभूषण बरामद हुए। इसके अलावा चांदी जैसे दिखने वाले कमरबंद, दुल्हन पायल, पायल, मेहंदी छल्ला, चोटी, बाजूबंद, बाल क्लिप, ब्रेसलेट, अंगूठी और बिछिया समेत अन्य आभूषण भी मिले। इनमें कई गहने टूटे हुए बताए गए हैं। दूसरे घर से भी मिले आभूषण पुलिस के मुताबिक, देवनारायण प्रसाद के घर से भी दुल्हन पायल, कान की बाली, गले का छोटा हार, बाल की चोटी और कान का झुमका बरामद किया गया है। फिलहाल पुलिस बरामद आभूषणों का सत्यापन करा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इनमें से कौन से गहने ट्रेन में हुई चोरी से जुड़े हैं और बाकी आभूषण कहां से आए। क्या पीछे है बड़ा गिरोह? जांच का दायरा बढ़ा एसडीपीओ अमन कुमार ने बताया कि पुलिस जांच का दायरा बढ़ा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि मामले में केवल यही दो लोग शामिल हैं या इसके पीछे ट्रेनों में चोरी करने वाला कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। पुलिस बरामद गहनों का अन्य चोरी की घटनाओं से संभावित कनेक्शन भी खंगाल रही है। यदि आभूषण दूसरी वारदातों से जुड़े पाए जाते हैं, तो जांच में चोरी के एक बड़े नेटवर्क से जुड़ी नई जानकारियां सामने आ सकती हैं।