Full Story

पटना। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए हुए चुनाव में चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम सामने आने के बाद राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के संकेत मिले हैं, जहां तिरहुत में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नरेंद्र प्रसाद सिंह, पटना में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के डॉ. संजीव कुमार सिंह, दरभंगा में जन सुराज के डॉ. सुरेश प्रसाद राय और सारण में निर्दलीय राहुल राज ने जीत हासिल की है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के इन नतीजों में सबसे ज्यादा चर्चा दरभंगा और सारण की जीत को लेकर है। दरभंगा में जन सुराज ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और निवर्तमान विधान पार्षद को हराकर विधान परिषद में अपना खाता खोला है। वहीं, सारण में भाजपा से निष्कासित नेता ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की है। पटना में राजद ने भाजपा को शिकस्त दी, जबकि तिरहुत की सीट भाजपा के खाते में गई। दरभंगा में जन सुराज का खाता खुला, मदन मोहन झा हारे दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जन सुराज के डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और निवर्तमान विधान पार्षद डॉ. मदन मोहन झा को हराकर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। चुनाव परिणामों के अनुसार, सुरेश प्रसाद राय को 2,593 वोट मिले जबकि मदन मोहन झा को 2,269 मत प्राप्त हुए। इस तरह जन सुराज प्रत्याशी ने 324 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। इस मुकाबले में वामपंथी प्रत्याशी रामदेव राय भी चुनाव मैदान में थे। दरभंगा का परिणाम जन सुराज के लिए खास रहा क्योंकि इसी जीत के साथ पार्टी ने बिहार विधान परिषद में अपना खाता खोला। दूसरी ओर, कांग्रेस को अपनी मौजूदा सीट गंवानी पड़ी। पटना में राजद ने पलटी बाजी, भाजपा के नवल किशोर यादव हारे पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राजद के डॉ. संजीव कुमार सिंह ने भाजपा के नवल किशोर यादव को 1,057 वोटों के अंतर से पराजित किया। इस सीट पर मतगणना के दौरान मुकाबला दिलचस्प रहा। शुरुआती दौर में भाजपा प्रत्याशी नवल किशोर यादव आगे चल रहे थे लेकिन बाद के दौर में राजद उम्मीदवार संजीव कुमार सिंह ने बढ़त बना ली। अंततः राजद प्रत्याशी ने जीत हासिल कर भाजपा को झटका दिया। इस चुनाव में कांग्रेस के डॉ. संजय यादव और जन सुराज की डॉ. दिव्या ज्योति भी उम्मीदवार थीं। तिरहुत में भाजपा की जीत, निर्दलीय भूषण झा को 594 वोटों से हराया तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह ने निर्दलीय उम्मीदवार भूषण कुमार झा को हराकर सीट अपने नाम कर ली। नरेंद्र प्रसाद सिंह ने 594 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। इस मुकाबले में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रत्याशी और निवर्तमान विधान पार्षद संजय कुमार सिंह तीसरे स्थान पर रहे। जन सुराज के श्याम नंदन यादव भी चुनाव मैदान में थे। भाजपा के लिए यह जीत महत्वपूर्ण रही जबकि निवर्तमान विधान पार्षद को अपनी सीट गंवानी पड़ी। सारण में निर्दलीय राहुल राज का कमाल, जदयू प्रत्याशी को हराया सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय उम्मीदवार राहुल राज ने जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के आनंद पुष्कर को पराजित कर जीत दर्ज की। राहुल राज को 4,965 वोट मिले, जबकि आनंद पुष्कर को 3,150 मत प्राप्त हुए। इस तरह राहुल राज ने 1,815 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। इस सीट पर जन सुराज के उम्मीदवार और निवर्तमान विधान पार्षद आफाक अहमद को 2,454 मत मिले, जबकि राजद के प्रो. जयराम यादव को 1,708 वोट प्राप्त हुए। राहुल राज की जीत इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उन्होंने पार्टी से निष्कासन के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। भाजपा से निष्कासन के बाद निर्दलीय लड़े राहुल राज राहुल राज पहले भाजपा से जुड़े हुए थे और पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य रह चुके हैं। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सीट बंटवारे में जदयू के हिस्से में चली गई थी। इसके बाद राहुल राज ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया। इस निर्णय के बाद भाजपा ने उन्हें छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके बावजूद राहुल राज ने चुनाव मैदान में उतरकर जदयू प्रत्याशी आनंद पुष्कर को पराजित किया। चार सीटों पर चार अलग-अलग विजेता शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चार परिणामों में किसी एक दल का दबदबा नहीं रहा।तिरहुत में भाजपा, पटना में राजद और दरभंगा में जन सुराज ने जीत दर्ज की, जबकि सारण की सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई। इन परिणामों में कांग्रेस को दरभंगा की सीट गंवानी पड़ी। वहीं, सारण में जन सुराज के निवर्तमान विधान पार्षद आफाक अहमद भी अपनी सीट नहीं बचा सके। इस तरह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजों ने सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्षी दलों, दोनों के लिए अलग-अलग राजनीतिक संकेत दिए हैं। आठ सीटों के लिए मैदान में थे 150 उम्मीदवार बिहार विधान परिषद की कुल आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान कराया गया था। इनमें चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें शामिल थीं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी की सीटों पर मतदान हुआ था। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण की सीटें शामिल थीं। इन आठ सीटों के लिए कुल 150 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से 90 प्रत्याशी और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से 60 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे थे। मतगणना 27 अक्टूबर को शुरू हुई थी।