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मोतिहारी। भारत-नेपाल सीमा से सटे बिहार के पूर्वी चंपारण जिला में फर्जी भारतीय पहचान तैयार करने के खेल का पुलिस ने खुलासा किया है। कुंडवाचैनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने ग्रामीण बैंक के समीप संचालित एक सीएसपी केंद्र पर छापेमारी कर एक युवक और दो नेपाली महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, केंद्र पर नेपाली नागरिकों के लिए कथित रूप से फर्जी आधार कार्ड तैयार किए जा रहे थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुंडवाचैनपुर गांव में ग्रामीण बैंक के समीप संचालित सेंट्रल बैंक के सीएसपी केंद्र से नेपाली नागरिकों के फर्जी आधार कार्ड तैयार किए जा रहे हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर ऋण लेने की कोशिश किए जाने की सूचना भी पुलिस को मिली थी। सूचना के सत्यापन के बाद सिकरहना एसडीपीओ अभिषेक कुमार के नेतृत्व में टीम ने सीएसपी केंद्र पर छापेमारी की। फर्जी आधार के साथ पहचान बनाने का पूरा सामान बरामद पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान फर्जी आधार कार्ड, एक लैपटॉप, दो फिंगर स्कैनर, एक आई स्कैनर और एक कैमरा बरामद किया गया। मौके से कुंडवाचैनपुर निवासी मनीष कुमार, पिता उपेंद्र प्रसाद सिंह को गिरफ्तार किया गया। उसके साथ दो नेपाली महिलाओं को भी पकड़ा गया, जो कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड बनवाने के लिए केंद्र पर पहुंची थीं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद उपकरणों का इस्तेमाल कितने फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किया गया और इस कथित नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हैं। सीमा सुरक्षा के लिहाज से जांच अहम भारत-नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों में फर्जी पहचान-पत्र तैयार किए जाने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। कुंडवाचैनपुर की कार्रवाई के बाद पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने वाले लोगों का दायरा कितना बड़ा है और इन दस्तावेजों का इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कथित तौर पर तैयार किए गए फर्जी आधार कार्ड के जरिए किसी सरकारी योजना, बैंकिंग सुविधा या ऋण का लाभ लेने की कोशिश की गई या नहीं। नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही पुलिस पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर फर्जी आधार तैयार करने वाले नेटवर्क की अन्य कड़ियों की तलाश की जा रही है। जांच का फोकस इस बात पर भी है कि केंद्र पर यह गतिविधि कब से चल रही थी, अब तक कितने दस्तावेज तैयार किए गए और इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा था। छापेमारी टीम में सिकरहना एसडीपीओ अभिषेक कुमार, पर्यवेक्षी पदाधिकारी धनंजय कुमार निर्दोष, थानाध्यक्ष अमन कुमार, पु.अ.नि. नवीन कुमार-2, रामेन्द्र कुमार समेत पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस की इस कार्रवाई ने सीमा क्षेत्र में पहचान-पत्रों की सत्यापन व्यवस्था और ऐसे दस्तावेजों के कथित दुरुपयोग को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, फर्जी दस्तावेजों के नेटवर्क के व्यापक होने संबंधी दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।