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मोतिहारी। बिहार में भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस और जांच एजेंसियों ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में नशे की बड़ी खेप पकड़ी है। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में रक्सौल के कौड़िहार चौक से पांच किलोग्राम चरस बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये बतायी जाती है। वहीं, हरैया थाना क्षेत्र में नेपाल से आ रही महिंद्रा कार के भीतर बने गुप्त तहखाने से 365 नशीले इंजेक्शन जब्त किए गए। दोनों कार्रवाइयों में एक महिला समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन बरामदगियों ने सीमावर्ती रास्तों से संचालित मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क पर फिर सवाल खड़े किए हैं। एक साल से निशाने पर थे चरस तस्करी के संदिग्ध रक्सौल के कौड़िहार चौक पर गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस, विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। इस दौरान पांच किलोग्राम चरस के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान रामगढ़वा थाना क्षेत्र की धनहर दिहुली पंचायत के लक्ष्मीपुर गांव निवासी राजेश राम की पत्नी मीरा देवी और रक्सौल थाना क्षेत्र के कोइरिया टोला निवासी जयराम साह के पुत्र लक्ष्मण साह के रूप में हुई है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष आनंद के अनुसार, दोनों आरोपितों के संबंध में पिछले एक वर्ष से साक्ष्य जुटाए जा रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चरस कहां से लाई गई थी, इसकी आपूर्ति कहां की जानी थी और तस्करी के इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। कार की पिछली सीट के नीचे छिपाई थी नशीले इंजेक्शन की खेप दूसरी कार्रवाई में हरैया थाना पुलिस ने नेपाल की ओर से मैत्री पुल पार कर रक्सौल लाई जा रही महिंद्रा कार को जांच के लिए रोका। तलाशी के दौरान कार की पिछली सीट के नीचे बने गुप्त तहखाने से 365 नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए। कार का पंजीकरण नंबर डीएल-4सीएनबी-4636 है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस मामले में बंजरिया थाना क्षेत्र के फुलवार गांव निवासी घुरूप यादव, चन्द्रशेखर प्रसाद और बुद्ध कुमार को गिरफ्तार किया गया है। कार भी जब्त कर ली गई है। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस और एसएसबी की टीम शामिल कार्रवाई अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष आनंद के नेतृत्व में गठित टीम ने की। इसमें रक्सौल के अंचलाधिकारी अरविंद कुमार, छौड़ादानो के अंचल पुलिस निरीक्षक रंजन कुमार, हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान तथा सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 47वीं वाहिनी के जवान शामिल थे। पुलिस दोनों मामलों में जब्त मादक पदार्थों के स्रोत, उनकी आपूर्ति के संभावित ठिकानों और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। सीमा पार से आने वाली खेप को गुप्त ठिकानों और वाहनों में छिपाकर लाने के इन मामलों ने तस्करी रोकने के लिए निगरानी और खुफिया तंत्र की अहमियत को रेखांकित किया है।



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