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कटिहार। बिहार के कटिहार जिले में वन विभाग ने बारसोई पुलिस के सहयोग से एकसल्ला पंचायत स्थित नरौल बागीचे से लकड़ी ले जा रहे एक पिकअप वाहन को चालक के परिवहन संबंधी आवश्यक कागजात प्रस्तुत नहीं किए जाने पर जब्त कर लिया। अब मामले के केंद्र में ट्रांजिट परमिट है। वन विभाग की पदाधिकारी वैष्णवी कुमारी के अनुसार, लकड़ी के परिवहन के लिए परमिट नहीं बना था। वहीं, पेड़ों के खरीददार का कहना है कि परमिट के लिए आवेदन दिया गया है। सूचना मिली, मौके पर पहुंची टीम वैष्णवी कुमारी को नरौल बागीचे से लकड़ी लदा पिकअप ले जाए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद वह बारसोई पुलिस के साथ मौके पर पहुंचीं। टीम ने चालक से लकड़ी के परिवहन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज मांगे। चालक कागजात नहीं दिखा सका तो वन विभाग ने लकड़ी लदे पिकअप को जब्त कर अपने कब्जे में ले लिया। महीने भर पहले भी रोकी गई थी कटाई नरौल बागीचे में पेड़ों की कटाई का मामला करीब एक माह पहले भी सामने आया था। उस समय बारसोई के अंचलाधिकारी और वन विभाग की टीम ने कटाई पर रोक लगाई थी। इसके बाद फिर पेड़ों की कटाई और लकड़ी के परिवहन का मामला सामने आया है। पहले लगी रोक और अब वाहन की जब्ती ने बागीचे से लकड़ी ले जाने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग बोला—परिवहन के नियम जरूरी वैष्णवी कुमारी ने बताया कि लकड़ी लदा वाहन ले जाए जाने की सूचना पर कार्रवाई की गई है। उनके अनुसार, निजी जमीन पर पेड़ काटने की अनुमति हो सकती है लेकिन लकड़ी को बिक्री के लिए पश्चिम बंगाल ले जाने में आवश्यक नियमों का पालन करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में लकड़ी के परिवहन के लिए ट्रांजिट परमिट नहीं बना था। खरीददार का दावा: 1970 पेड़ों का सौदा पेड़ों के खरीददार के मुताबिक, बागीचे में कुल 1,970 पेड़ करीब 1 करोड़ 22 लाख रुपये में खरीदे गए हैं। उनका कहना है कि लकड़ी ले जाने के लिए ट्रांजिट परमिट का आवेदन दिया गया है।



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