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मधुबनी। बिहार के मधुबनी जिले में एक महिला से कथित अवैध संबंध को लेकर ग्रामीणों के घेरने पर सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) चंद्रमोहन सिंह की गोलीबारी में 50 वर्षीय अशोक यादव की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए, जिसके बाद फरार पुलिसकर्मी को निलंबित कर उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है तथा गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। महिला के घर में घिरने पर चलाई गोलियां घटना सोमवार रात बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ स्थित पुलिस पिकेट के पास की है। वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) योगेंद्र कुमार ने बताया कि एएसआई चंद्रमोहन सिंह का गांव की एक महिला से कथित अवैध संबंध था। आरोप है कि वह सामान लेने के बहाने अक्सर उसके घर जाता था। सोमवार रात ग्रामीणों ने उसे महिला के घर में देख लिया और अंदर बंद कर दिया। इसी दौरान एएसआई ने अपनी सर्विस पिस्तौल से तीन से चार राउंड फायरिंग कर दी। गोली लगने से चार ग्रामीण घायल हो गए। अशोक यादव की मौत, तीन का इलाज जारी गोलीबारी की सूचना मिलते ही डायल-112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इलाज के दौरान 50 वर्षीय अशोक यादव की मौत हो गई। तीन अन्य घायलों में एक के पैर, दूसरे की कमर और तीसरे की गर्दन के पास गोली लगी है। सभी का सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद एसएसपी योगेंद्र कुमार अस्पताल पहुंचे और घायलों तथा उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने चिकित्सकों से उपचार की जानकारी लेने के बाद घटनास्थल का भी निरीक्षण किया। फरार एएसआई पर 25 हजार का इनाम वारदात के बाद से एएसआई चंद्रमोहन सिंह फरार है। एसएसपी ने बताया कि उसकी गिरफ्तारी के लिए पांच सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई है। आरोपित की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले को 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। बाबूबरही थाने में उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मुख्यालय ने आरोपित एएसआई को निलंबित करने के साथ उसे सेवा से बर्खास्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि मामले में त्वरित विचारण कराकर दोषी को सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। जुलाई 2025 की घटना में भी आया था नाम एएसआई चंद्रमोहन सिंह पहले मधवापुर थाना क्षेत्र में डायल-112 की टीम में तैनात था। 12 जुलाई 2025 को शराब तस्करी के संदेह में बाइक सवार दो युवकों का पीछा करने के दौरान पिरोखर के पास डायल-112 वाहन की बाइक से टक्कर हो गई थी। उस हादसे में एक नाबालिग की मौत हो गई थी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस पर पथराव भी हुआ था। उस दौरान पुलिस की ओर से गोली चलाए जाने की बात भी सामने आई थी। हादसे के समय डायल-112 वाहन में एएसआई चंद्रमोहन सिंह और चालक चंद्रदीप शास्त्री मौजूद थे। पुरातात्विक स्थल की सुरक्षा के लिए बनी थी पुलिस पिकेट बलिराजगढ़ में पुरातात्विक अवशेषों की सुरक्षा के लिए पुलिस पिकेट स्थापित की गई थी। खुदाई में मिले अवशेषों की चोरी और पुरातात्विक कार्यों में बाधा पहुंचने की शिकायतों के बाद यहां पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। इसी पुलिस पिकेट से जुड़े एएसआई पर गोलीबारी का आरोप लगने के बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई शुरू की है। फिलहाल इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। एसएसपी ने बताया कि कानून-व्यवस्था सामान्य है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।



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