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मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के सदर अस्पताल में चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से सितंबर के बीच 5,216 संस्थागत प्रसव कराए गए, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 427 अधिक हैं और यह अस्पताल में प्रसव सेवाओं के उपयोग में 8.92 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाते हैं। अस्पताल के आंकड़ों में सामान्य और सिजेरियन, दोनों तरह के प्रसव की संख्या बढ़ी है। इसके साथ ही परिवार नियोजन से जुड़ी सेवाएं भी जारी रहीं। छह महीने में 427 अधिक प्रसव, अगस्त सबसे आगे सदर अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच कुल 4,789 संस्थागत प्रसव हुए थे। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 की इसी छह महीने की अवधि में यह आंकड़ा बढ़कर 5,216 हो गया। इस तरह पिछले वर्ष की तुलना में अस्पताल में 427 अधिक प्रसव दर्ज किए गए। महीनेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो अगस्त 2026 में सबसे ज्यादा 1,234 प्रसव हुए। इसके बाद जुलाई में 977 और सितंबर में 963 प्रसव दर्ज किए गए। अस्पताल के इन आंकड़ों से पता चलता है कि इस वर्ष प्रसव संबंधी सेवाओं का उपयोग पिछले साल की तुलना में बढ़ा है। सिजेरियन प्रसव भी बढ़े, अगस्त में 182 ऑपरेशन संस्थागत प्रसव के साथ सदर अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल से सितंबर 2025 के दौरान अस्पताल में कुल 755 सिजेरियन प्रसव हुए थे। इस वर्ष समान अवधि में यह संख्या बढ़कर 793 पहुंच गई। यानी छह महीने में 38 अधिक सिजेरियन प्रसव दर्ज किए गए। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग पांच प्रतिशत की वृद्धि है। सिजेरियन प्रसव के मामले में भी अगस्त सबसे आगे रहा। इस महीने अस्पताल में 182 सिजेरियन डिलीवरी हुईं। चिकित्सकीय जरूरत पड़ने पर सिजेरियन सुविधा की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है। हालांकि, केवल ऑपरेशन की संख्या बढ़ने से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि जटिल प्रसव के मामलों में भी उसी अनुपात में वृद्धि हुई है। परिवार नियोजन के तहत 582 प्रक्रियाएं सदर अस्पताल में प्रसव सेवाओं के अलावा परिवार नियोजन कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है। अस्पताल की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच परिवार नियोजन के तहत कुल 582 नसबंदी प्रक्रियाएं दर्ज की गईं। इनमें 433 अंतराल नसबंदी और 149 प्रसवोत्तर नसबंदी शामिल हैं। इस तरह अस्पताल में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के साथ परिवार नियोजन से संबंधित सुविधाओं का भी उपयोग किया गया। बढ़ते प्रसव के बीच सुरक्षित देखभाल की चुनौती सदर अस्पताल में संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ना स्वास्थ्य सेवाओं के अधिक उपयोग का संकेत है। अस्पताल में अधिक प्रसव होने के साथ गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच, सुरक्षित डिलीवरी, जटिल मामलों का उपचार और नवजात शिशुओं की उचित देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। खासकर प्रसव के बाद मां और बच्चे के स्वास्थ्य की निगरानी तथा जरूरत पड़ने पर तुरंत उपचार की व्यवस्था मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के अहम पहलू हैं। सिर्फ संख्या नहीं, इलाज की गुणवत्ता भी अहम अस्पताल की छह महीने की रिपोर्ट में प्रसव और सिजेरियन डिलीवरी की संख्या बढ़ने की स्पष्ट तस्वीर सामने आई है लेकिन इन आंकड़ों से यह साबित नहीं होता कि मातृ मृत्यु दर या नवजात मृत्यु दर में भी कमी आई है। इसके लिए प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं, मां और बच्चे के स्वास्थ्य परिणामों, प्रसवपूर्व जांच और उपचार की गुणवत्ता से संबंधित अलग आंकड़ों की जरूरत होगी।