Full Story

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को बनारस रेलवे स्टेशन से वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे दोनों शहरों के बीच रात की रेल यात्रा को नया विकल्प मिलने के साथ ही वाराणसी और आसपास के यात्रियों के लिए 10 मेमू सेवाओं की भी शुरुआत हुई। वाराणसी से दिल्ली का सफर 9 घंटे 20 मिनट में वाराणसी और राष्ट्रीय राजधानी के बीच रात में रेल यात्रा करने वालों को अब वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का नया विकल्प मिलेगा। इस ट्रेन की समय-सारणी ऐसी रखी गई है कि यात्री रात में सफर करके अगली सुबह अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस वाराणसी से रात 8 बजकर 50 मिनट पर रवाना होगी और अगले दिन सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर नई दिल्ली पहुंचेगी। इस तरह वाराणसी से दिल्ली की यात्रा 9 घंटे 20 मिनट में पूरी होगी। वापसी में ट्रेन नई दिल्ली से रात 9 बजकर 40 मिनट पर चलेगी और अगले दिन सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर वाराणसी पहुंचेगी। दिल्ली से वाराणसी की यात्रा में 9 घंटे 30 मिनट लगेंगे। यह ट्रेन प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद होते हुए नई दिल्ली पहुंचेगी। इस मार्ग से प्रमुख शहरों के साथ आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। सप्ताह में छह दिन चलेगी वंदे भारत स्लीपर वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का संचालन सप्ताह में छह दिन किया जाएगा। वाराणसी से नई दिल्ली जाने वाली ट्रेन शुक्रवार को नहीं चलेगी, जबकि नई दिल्ली से वाराणसी आने वाली ट्रेन शनिवार को नहीं चलेगी। रात्रिकालीन यात्रा की सुविधा से नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों, विद्यार्थियों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपना समय बेहतर ढंग से इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा। खासकर ऐसे यात्री, जिन्हें सुबह दिल्ली या वाराणसी पहुंचकर अपने काम निपटाने होते हैं, उनके लिए यह सेवा उपयोगी साबित हो सकती है। बनारस से प्रयागराज तक मेमू सेवाओं का विस्तार वंदे भारत स्लीपर के शुभारंभ के साथ वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में छोटी दूरी की रेल यात्रा को आसान बनाने की पहल भी की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बनारस-प्रयागराज रामबाग तथा बनारस सिटी-राजातालाब के बीच मेमू ट्रेन सेवाओं की शुरुआत की। रेल मंत्री ने बताया कि वाराणसी क्षेत्र को कुल 10 मेमू सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनसे वाराणसी शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच संपर्क बेहतर होगा और बनारस से प्रयागराज आने-जाने वाले यात्रियों को भी अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। नई सेवाओं से रोजाना सफर करने वाले विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और अन्य यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। त्योहारी सीजन में इन ट्रेनों की शुरुआत से यात्रियों के लिए अतिरिक्त विकल्प भी उपलब्ध होंगे। छात्रों के लिए 95 रुपये से मासिक पास मेमू सेवाओं के विस्तार के साथ विद्यार्थियों के यात्रा खर्च को कम करने पर भी ध्यान दिया गया है। श्री वैष्णव ने बताया कि वाराणसी क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए मासिक सीजन टिकट (एमएसटी) की दर 95 रुपये निर्धारित की गई है। वहीं, वाराणसी से प्रयागराज के बीच यात्रा करने वाले विद्यार्थियों के लिए मासिक सीजन टिकट 220 रुपये का होगा। इस सुविधा से नियमित रूप से स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों तक आने-जाने वाले विद्यार्थियों को कम खर्च में रेल यात्रा करने का विकल्प मिलेगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस है वंदे भारत स्लीपर रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे को आधुनिक बनाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने का काम लगातार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें आधुनिक तकनीक, उन्नत सुरक्षा प्रणालियों और यात्रियों की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं को शामिल किया गया है। ट्रेन के डिजाइन में सफर के दौरान आरामदायक माहौल उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया है। श्री वैष्णव ने बताया कि यात्रियों के साथ लोको पायलट और अन्य रेल कर्मचारियों की सुविधा तथा सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग के यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ट्रेन का किराया किफायती रखा गया है। हालांकि, जारी विज्ञप्ति में वंदे भारत स्लीपर की अलग-अलग श्रेणियों का किराया नहीं बताया गया है। बुलेट ट्रेन से वाराणसी-दिल्ली का सफर 3 घंटे 33 मिनट करने की योजना रेल मंत्री ने देश में प्रस्तावित हाईस्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की जानकारी दी और बताया कि बुलेट ट्रेन के प्रस्तावित नॉर्थ कॉरिडोर के जरिए दिल्ली, आगरा, कानपुर, लखनऊ, पटना और गुवाहाटी जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ने की योजना है। इस परियोजना के तहत अलग-अलग शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित हाईस्पीड रेल सेवा से दिल्ली से आगरा का सफर 59 मिनट, दिल्ली से कानपुर का सफर लगभग एक घंटे 45 मिनट और दिल्ली से लखनऊ का सफर दो घंटे 12 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इसी तरह वाराणसी से लखनऊ की यात्रा एक घंटे 21 मिनट, वाराणसी से पटना की यात्रा लगभग एक घंटे और वाराणसी से दिल्ली की यात्रा लगभग तीन घंटे 33 मिनट में पूरी करने की योजना है। उन्होंने कहा कि हाईस्पीड रेल परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है और इसमें 'मेक इन इंडिया' को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण परियोजना बताया। उत्तर प्रदेश में रेल बजट और बुनियादी ढांचे का विस्तार श्री वैष्णव ने उत्तर प्रदेश में रेलवे के बजट में हुई बढ़ोतरी और रेल सुविधाओं के विस्तार का भी उल्लेख किया और कहा कि छोटी दूरी के यात्रियों की जरूरतों को देखते हुए मेमू सेवाएं बढ़ाई जा रही हैं जबकि लंबी दूरी की यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए आधुनिक ट्रेनों पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रेलवे के आधुनिकीकरण का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है। योगी बोले- किसानों, महिलाओं और व्यापारियों को मिलेगी राहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी को वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और मेमू सेवाओं की सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया और कहा कि नई मेमू सेवाओं से किसानों, युवाओं, अधिवक्ताओं, व्यापारियों और महिलाओं को कम खर्च में यात्रा करने का अवसर मिलेगा। इन सेवाओं से रोजाना आने-जाने वाले लोगों की सुविधा बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रेल संपर्क मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे में आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास से यात्रा अधिक सुरक्षित और समयबद्ध हुई है। ओवरब्रिज और अंडरपास से बढ़ी सुरक्षा मुख्यमंत्री ने रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा व्यवस्था में हुए बदलावों का भी जिक्र किया और कहा कि पहले मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी। अब रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास जैसी व्यवस्थाओं के विकास से यात्रियों और आम लोगों की सुरक्षा बेहतर बनाने में मदद मिली है। इन व्यवस्थाओं से लोगों का समय बचने के साथ जान-माल की सुरक्षा भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि ट्रेनों की गति और रेलवे के आधारभूत ढांचे में सुधार से विभिन्न शहरों के बीच यात्रा का समय कम हुआ है।