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मोतिहारी। बिहार के शिक्षा विभाग में अतिरिक्त वेतन की निकासी और वित्तीय गड़बड़ियों पर अपर मुख्य सचिव सी. के. अनिल ने कड़ा रुख अपनाते हुए शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को दो से तीन दिनों के भीतर अधिक ली गई राशि सरकारी खाते में जमा करने का आदेश दिया है और चेतावनी दी है कि निर्देश नहीं मानने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। वेतन में गड़बड़ी पर अब नहीं मिलेगी छूट मोतिहारी समाहरणालय के डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभागार में शनिवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई। इसमें जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव और उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार भी मौजूद थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव ने साफ किया कि सरकारी धन की निकासी में किसी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अनजाने में हुई गलती और जानबूझकर की गई गड़बड़ी को एक जैसा नहीं माना जा सकता। श्री अनिल ने अवैध निकासी के सभी मामलों की पड़ताल कर जल्द रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया। जिन शिक्षकों, अधिकारियों या कर्मचारियों ने निर्धारित राशि से अधिक वेतन लिया है, उनसे दो से तीन दिनों में अतिरिक्त रकम वापस कराने को कहा गया। सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को अपने क्षेत्र के शिक्षकों और कर्मचारियों तक यह निर्देश पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है। स्कूलों के रखरखाव का भी खुलेगा हिसाब वेतन भुगतान के साथ विद्यालयों के रखरखाव पर खर्च की गई राशि भी जांच के दायरे में आ गई है। अपर मुख्य सचिव ने स्कूलों में हुए रखरखाव कार्यों की जांच कराने और खर्च में गड़बड़ी मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों की सुविधाएं बेहतर बनाने के लिए खर्च होने वाली सरकारी राशि का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। भवनहीन स्कूलों के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम जिले में जिन विद्यालयों के पास अपना भवन नहीं है, उनके लिए जमीन की तलाश अब तय समय में पूरी करनी होगी। श्री अनिल ने अधिकारियों को अगले 15 दिनों के भीतर भूमि चिह्नित कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। इसके साथ ही कायाकल्प अभियान के तहत स्वीकृत सभी योजनाओं को 20 नवंबर तक पूरा करने की समयसीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि वेतन भुगतान या अन्य कार्यों के लिए धन की कमी है तो संबंधित अधिकारी तत्काल आवंटन की मांग करें ताकि किसी योजना का काम न रुके। स्कूल निरीक्षण में बच्चों से बातचीत भी जरूरी अपर मुख्य सचिव ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए विद्यालय निरीक्षण का तरीका बदलने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्कूल पहुंचकर केवल रजिस्टर और कागजात देखने से काम नहीं चलेगा। बच्चों से सीधे बातचीत कर उनकी पढ़ाई और विद्यालय की वास्तविक स्थिति भी समझनी होगी। निरीक्षण करने वाले अधिकारियों को विद्यार्थियों के साथ पंक्ति में बैठकर मध्याह्न भोजन करने का भी निर्देश दिया गया। शिक्षकों को बच्चों के प्रति अभिभावकों जैसा व्यवहार अपनाने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की सलाह दी गई। योग, व्यायाम और सामाजिक गतिविधियों पर जोर श्री अनिल ने स्कूलों में नियमित योग और व्यायाम कराने के साथ रक्तदान शिविर तथा सामाजिक कार्यों को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया। उनका जोर ऐसी गतिविधियों पर रहा, जिनसे बच्चों में अनुशासन, नैतिक मूल्यों और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हो। राज्य में चल रहे एक महीने के नशामुक्त बिहार अभियान में विद्यालयों की भागीदारी बढ़ाने का भी निर्देश दिया गया। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों को भी नशे से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करें। इसके अलावा स्कूल परिसरों की साफ-सफाई और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। पूर्वी चंपारण के 33 मॉडल स्कूलों की पहल को सराहा समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने जिले के मॉडल विद्यालयों की व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्वी चंपारण में 33 मॉडल विद्यालय बनाए गए हैं। इनमें प्रत्येक विद्यालय की जिम्मेदारी एक वरीय पदाधिकारी को सौंपी गई है। ये अधिकारी नियमित रूप से विद्यालय पहुंचते हैं और बच्चों को पढ़ाते भी हैं। इसके अलावा प्रखंड स्तर के अधिकारियों को सप्ताह में तीन दिन स्कूलों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई है। निरीक्षण के दौरान बच्चों से बातचीत करने और उनके साथ बैठकर मध्याह्न भोजन करने की व्यवस्था भी लागू है। इस पहल पर अपर मुख्य सचिव ने संतोष जताया और कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने वाले ऐसे अच्छे प्रयासों को दूसरे स्थानों पर भी अपनाया जाना चाहिए। चंपारण की धरती पर जिम्मेदारी निभाने का संदेश बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को चंपारण की ऐतिहासिक पहचान की भी याद दिलाई और कहा कि महात्मा गांधी के आगमन से जुड़ी इस धरती पर काम करने का अवसर गर्व की बात है। अधिकारियों और कर्मचारियों को इसी भावना के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए। समीक्षा बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरी, सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, डाटा एंट्री ऑपरेटर और शिक्षा विभाग के अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।



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