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सीवान। नई दिल्ली से दरभंगा जा रही बिहार संपर्क क्रांति सुपरफास्ट ट्रेन में प्रसव पीड़ा से जूझ रही 25 वर्षीय खुशबू देवी को बुधवार तड़के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने सीवान स्टेशन पर सुरक्षित उतारा, जहां कुछ ही देर बाद महिला कर्मचारियों और यात्रियों के सहयोग से उसने प्लेटफॉर्म पर एक पुत्री को जन्म दिया, जिसके बाद मां और नवजात को एंबुलेंस से सदर अस्पताल भेजा गया। रेल मदद से मिली सूचना, तुरंत हरकत में आई टीम गाड़ी संख्या 12566 नई दिल्ली-दरभंगा बिहार संपर्क क्रांति सुपरफास्ट के सीवान पहुंचने से पहले रेल मदद के जरिए सूचना मिली कि कोच संख्या एम-1 के बर्थ नंबर 72 पर एक महिला यात्री को प्रसव पीड़ा हो रही है। सूचना मिलते ही सहायक उप निरीक्षक शैलेंद्र कुमार पांडेय के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल धर्मप्रकाश मिश्रा और कांस्टेबल बबलू कुमार यादव सक्रिय हो गए। रात 2:55 बजे पहुंची ट्रेन, आगे सफर करने से रोका ट्रेन रात 2:55 बजे प्लेटफॉर्म नंबर दो पर पहुंची। आरपीएफ टीम ने ऑन ड्यूटी स्टेशन मास्टर राजू शर्मा और फार्मासिस्ट मनोज कुमार के साथ महिला की स्थिति देखी। फार्मासिस्ट ने उसकी हालत को देखते हुए आगे की यात्रा नहीं करने की सलाह दी। इसके बाद महिला को उसके पति और तीन बच्चों के साथ ट्रेन से सुरक्षित उतार लिया गया। प्लेटफॉर्म पर बढ़ी प्रसव पीड़ा, बेटी ने लिया जन्म ट्रेन से उतरने के कुछ ही देर बाद महिला की प्रसव पीड़ा तेज हो गई। स्टेशन पर मौजूद महिला कर्मचारियों और महिला यात्रियों के सहयोग से प्लेटफॉर्म पर ही सुरक्षित प्रसव कराया गया। महिला ने एक पुत्री को जन्म दिया । नवजात की किलकारी गूंजते ही स्टेशन पर मौजूद लोगों के बीच खुशी का माहौल बन गया। मां-बेटी को एंबुलेंस से भेजा अस्पताल प्रसव के बाद आरपीएफ और रेलवे कर्मचारियों ने महिला और नवजात को उसके पति संतोष पासवान के साथ एंबुलेंस से सदर अस्पताल सीवान भेजा, जहां दोनों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। संतोष पासवान के अनुसार उनकी पत्नी खुशबू देवी (25) हैं और परिवार दरभंगा जिले के बिरौली थाना क्षेत्र के गोविंदपुर गांव का रहने वाला है। दिल्ली से दरभंगा जा रहा था परिवार दंपती का नई दिल्ली से दरभंगा तक बिहार संपर्क क्रांति सुपरफास्ट के एम-1 कोच में बर्थ संख्या 70 और 72 पर आरक्षण था। रेलवे के ऑपरेशन मातृ शक्ति के तहत आरपीएफ की समय पर कार्रवाई और स्टेशन कर्मियों एवं महिला यात्रियों के सहयोग से प्रसूता और उसकी नवजात बेटी को सुरक्षित चिकित्सा सहायता मिल सकी।



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