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मोतिहारी। पूर्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री सह सांसद राधामोहन सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का जीवन राष्ट्रभक्ति, त्याग और संगठन साधना की प्रेरणादायी गाथा है और उनका मानना था कि राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ समाज का संगठित, अनुशासित, समरस और चरित्रवान होना भी जरूरी है। श्री सिंह ने शनिवार को यहां महात्मा गांधी प्रेक्षागृह में आयोजित ‘युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार: संघ सृजन का भव्य नाट्य आविष्कार’ कार्यक्रम में कहा कि डॉ. हेडगेवार ने अपने विचारों, दूरदर्शिता और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण से संगठन तथा व्यक्ति निर्माण की नई अवधारणा प्रस्तुत की। बचपन से ही उनके मन में देश की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रति गहरी प्रतिबद्धता थी। स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी और कारावास के बावजूद राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण अडिग रहा। 1925 में रखी संघ की नींव सांसद ने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने महसूस किया कि राष्ट्र की मजबूती केवल राजनीतिक स्वतंत्रता से सुनिश्चित नहीं हो सकती, बल्कि इसके लिए समाज में एकजुटता, अनुशासन, चरित्र निर्माण और राष्ट्रीय चेतना भी आवश्यक है। इसी सोच के साथ उन्होंने वर्ष 1925 में विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। दैनिक शाखा के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और व्यक्ति निर्माण के जरिए राष्ट्र के प्रति दायित्वबोध विकसित करने का प्रयास किया। श्री सिंह ने कहा कि किसी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसके नागरिकों के चरित्र, सामाजिक एकजुटता और राष्ट्रीय चेतना में निहित होती है। आज भारत वैश्विक मंच पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। ऐसे समय में डॉ. हेडगेवार के विचारों, त्याग और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनके समर्पण को समझना प्रासंगिक है। नई पीढ़ी को महापुरुषों के जीवन से परिचित कराना जरूरी है, ताकि उसमें राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध और समाज के लिए सकारात्मक योगदान की भावना विकसित हो। रंगमंच से जनमानस तक पहुंचेगा इतिहास सांसद ने नाट्य प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि रंगमंच महापुरुषों के जीवन, संघर्ष और विचारों को प्रभावशाली ढंग से आम लोगों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। डॉ. हेडगेवार के जीवन पर आधारित यह प्रस्तुति दर्शकों को उनके व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण संबंधी दृष्टिकोण को समझने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने प्रस्तुति से जुड़े कलाकारों, निर्देशक, आयोजकों और सहयोगियों को बधाई दी। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर-पूर्व क्षेत्र के क्षेत्र कार्यवाह डॉ. मोहन सिंह, उत्तर बिहार प्रांत के सह संघचालक प्रो. राज किशोर सिंह, उत्तर-पूर्व क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक रामनवमी प्रसाद, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव, अरेराज स्थित श्री सोमेश्वरनाथ धाम के पीठाधीश्वर स्वामी रविशंकर गिरी तथा एस.एन.एस. विद्यापीठ, मोतिहारी के अध्यक्ष आलोक शर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग, संत, स्वयंसेवक, मातृशक्ति और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।