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पटना/शेखपुरा। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने मंगलवार को शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड में हजरतपुर मड़रो पंचायत के पंचायत रोजगार सेवक प्रफुल्ल कुमार सिंह को मिट्टी भराई और पेवर ब्लॉक बिछाने के काम के एवज में 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। निगरानी टीम ने उसे अरियरी प्रखंड परिसर स्थित प्लास्टिक कचरा निस्तारण केंद्र के सामने उत्तर पक्की सड़क से गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई शिकायत की जांच और रिश्वत मांगने के आरोप की पुष्टि होने के बाद की गई। सड़क निर्माण के काम के बदले मांगी थी रिश्वत निगरानी ब्यूरो के अनुसार, शेखपुरा जिले के अरियरी थाना क्षेत्र के रौंदी गांव निवासी श्रवण चौधरी ने पटना स्थित निगरानी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि हजरतपुर मड़रो पंचायत की पंचायत समिति योजना के तहत रौंदी गांव में चौथी चौहान के घर से सुग्रीव चौहान के घर तक मिट्टी भराई और पेवर ब्लॉक बिछाने का काम कराया गया था। आरोप है कि इसी काम के एवज में पंचायत रोजगार सेवक प्रफुल्ल कुमार सिंह रिश्वत मांग रहा था। शिकायत सही मिली तो निगरानी ने बिछाया जाल शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने के प्रमाण मिलने पर 12 अक्टूबर 2026 को निगरानी थाना कांड संख्या 120/26 दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस निरीक्षक मो. सलाहुद्दीन खां के अनुरोध पर पुलिस उपाधीक्षक सतीश चंद्र माधव के नेतृत्व में विशेष धावा दल गठित किया गया। टीम ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए पंचायत रोजगार सेवक प्रफुल्ल कुमार सिंह को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। भागलपुर की विशेष अदालत में पेशी निगरानी ब्यूरो के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के बाद उसे भागलपुर स्थित विशेष निगरानी न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है। 2026 में निगरानी का 110वां ट्रैप केस, 111 आरोपी गिरफ्तार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने इस साल भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई कार्रवाई के आंकड़े भी जारी किए हैं। ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक भ्रष्टाचार से जुड़े 120 मामले दर्ज किए गए हैं। एक मामला जिले से स्थानांतरित होकर आया है। इस तरह कुल 121 मामलों की जांच की जा रही है। इनमें रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ने से संबंधित 110 ट्रैप मामले शामिल हैं। इन मामलों में अब तक 111 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।



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