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गोपालगंज। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने गोपालगंज के अपर जिला दंडाधिकारी (एडीएम) राजेश्वरी पाण्डेय के सरकारी आवास एवं कार्यालय समेत कई ठिकानों पर छापेमारी कर तलाशी अभियान शुरू किया है, जो करीब छह घंटे से जारी है। एसयूवी के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) अरुण कुमार अकेला ने बताया कि एसवीयू में एडीएम राजेश्वरी पाण्डेय के खिलाफ पद का दुरुपयोग करके आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला 26/26 दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि सत्यापन के बाद एसवीयू ने कई छोटी छोटी टीम बनाकर एक साथ छापेमारी की है। उन्होंने बताया कि अभी तक के तलाशी अभियान में कोई नकद और जेवरात नहीं मिले हैं। लेकिन, कई प्रकार के दस्तावेज जरूर मिले हैं, जिनका मूल्यांकन करने के बाद उसका विवरण उपलब्ध कराया जाएगा। उन पर अपनी ज्ञात आय से 100 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। एक सप्ताह पहले मिली थी शिकायत मिली जानकारी के अनुसार, एडीएम राजेश्वरी पाण्डेय के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत करीब एक सप्ताह पहले मिली थी। इसके बाद एसवीयू ने शिकायत में लगाए गए आरोपों का सत्यापन किया और फिर उनके ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई शुरू की। छह घंटे से जारी तलाशी एसवीयू की टीम करीब छह घंटे से तलाशी अभियान चला रही है। इस दौरान अधिकारी के कमरे से बाहर नहीं निकलने की बात सामने आई है। हालांकि, तलाशी के दौरान नकदी, संपत्ति के दस्तावेज या अन्य सामान की बरामदगी हुई है या नहीं, इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। संपत्ति और लेन-देन पर जांच की नजर मामला आय से अधिक संपत्ति के आरोप से जुड़ा होने के कारण संपत्ति संबंधी दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और दूसरे संभावित साक्ष्यों की जांच की जा सकती है। तलाशी पूरी होने और एसवीयू की ओर से आधिकारिक विवरण जारी होने के बाद ही कार्रवाई में सामने आए तथ्यों और संभावित बरामदगी की तस्वीर स्पष्ट होगी। बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं राजेश्वरी पाण्डेय उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, राजेश्वरी पाण्डेय बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और बीपीएससी की 47वीं बैच के पदाधिकारी हैं। गोपालगंज में एडीएम बनने से पहले वह राज्य के अलग-अलग जिलों और विभागों में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उनके पूर्व पदस्थापनों में पूर्णिया में सीनियर डिप्टी कलेक्टर, योजना एवं विकास विभाग में ओएसडी, पूर्णिया जिले के धमदाहा में एसडीएम और कटिहार जिले के बारसोई में एसडीएम शामिल है। बरसोई में उनके कार्यकाल के दौरान ही चर्चित "बिजली कांड" हुआ था, जिसमें दो युवकों की मौत हो गई थी। मृतकों की पहचान मोहम्मद खुर्शीद और सोनू शाह के रूप में हुई थी। इस घटना में नियाज के सिर में गोली लगने की वजह से वह आज तक ज़िन्दगी और मौत से जूझ रहा है। इसके बाद श्री पाण्डेय को पूर्णिया का एडीएम (आपदा) बनाया गया, उसके बाद उन्हें कैमूर जिले का उप विकास आयुक्त (डीडीसी) फिर पूर्वी चंपारण में आपदा एडीएम बनाया गया। वर्तमान में वह गोपालगंज के एडीएम हैं। रोहतास के रहने वाले हैं एडीएम राजेश्वरी पाण्डेय का मूल निवास रोहतास जिले के करगहर क्षेत्र के ठोहसन गांव में बताया गया है। फिलहाल एसवीयू की कार्रवाई जारी है और ज्ञात आय से 100 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का दावा अभी आरोप और जांच का विषय है। तलाशी में क्या मिला और जांच किस निष्कर्ष पर पहुंची, इसकी स्थिति आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी। पहले भी हो चुकी है विभागीय कार्रवाई राजेश्वरी पाण्डेय के सेवा रिकॉर्ड में इससे पहले भी विभागीय कार्रवाई का मामला सामने आ चुका है। सामान्य प्रशासन विभाग के अक्टूबर 2024 के आदेश के मुताबिक, कटिहार के बारसोई में अनुमंडल पदाधिकारी के रूप में तैनाती के दौरान 26 जुलाई 2023 को विद्युत उपकेंद्र परिसर में हुए धरना-प्रदर्शन और हिंसक घटनाक्रम के मामले में उन पर प्रशासनिक विफलता और मामले की गंभीरता का पूर्वानुमान नहीं लगा पाने समेत आरोप लगाए गए थे। विभागीय समीक्षा के बाद उनके खिलाफ निंदन (आरोप वर्ष 2023-24) और एक वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोकने का दंड दिया गया था। राजेश्वरी उस प्रदर्शन के दौरान भीड़ हिंसक हो गई थी और कार्यालय परिसर में तोड़फोड़ तथा पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट हुई थी, जिसके बाद विधि-व्यवस्था नियंत्रित करने के क्रम में पुलिस की फायरिंग में दो लोगों की मौत और एक व्यक्ति के घायल होने का उल्लेख है। विभाग ने अपने निष्कर्ष में कहा था कि तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी के रूप में राजेश्वरी पाण्डेय मामले की गंभीरता का पूर्वानुमान लगाने में असफल रहे और यदि वह समय पर पुलिस अधिकारियों के साथ स्वयं घटनास्थल पर पहुंचते तो भीड़ को उग्र होने से रोका जा सकता था। राजेश्वरी



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