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सीवान। बिहार में पिछले 14 वर्षों के दौरान बिजली की उपलब्धता करीब 700 मेगावाट से बढ़कर 9475 मेगावाट पहुंचने और सीवान जिले की आपूर्ति क्षमता 250 मेगावाट से अधिक होने की उपलब्धियों के बीच रविवार को नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एनबीपीडीसीएल) का 14वां स्थापना दिवस मनाया गया, जिसमें अधिकारियों ने बिजली व्यवस्था को और मजबूत बनाने के साथ प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने पर जोर दिया। डीएम और एसपी ने किया समारोह का उद्घाटन शहर के तरवारा मोड़ स्थित विद्युत आपूर्ति प्रमंडल कार्यालय परिसर में आयोजित स्थापना दिवस समारोह का उद्घाटन जिलाधिकारी (डीएम) विजय प्रकाश मीणा और पुलिस अधीक्षक (एसपी) भरत सोनी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। समारोह में बिजली विभाग की पिछले 14 वर्षों की उपलब्धियों, नई परियोजनाओं और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने की योजनाओं पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बिजली वितरण व्यवस्था में आए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले समय में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए आधारभूत ढांचे को और मजबूत करना जरूरी है। 14 वर्षों में बिजली उपलब्धता में 13 गुना से अधिक बढ़ोतरी कार्यक्रम में बताया गया कि बिहार में कभी बिजली की उपलब्धता लगभग 700 मेगावाट थी, जो अब बढ़कर करीब 9475 मेगावाट हो गई है। इस तरह पिछले 14 वर्षों में बिजली उपलब्धता में 13 गुना से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। वक्ताओं के अनुसार, इस अवधि में राज्यभर में हजारों किलोमीटर नई बिजली लाइनें बिछाई गईं। नए पावर सब-स्टेशन और फीडर बनाए गए, पुराने तथा जर्जर तार बदले गए और ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई गई। इन कार्यों से बिजली वितरण नेटवर्क का विस्तार हुआ है और राज्य के करोड़ों उपभोक्ताओं को लाभ मिल रहा है। सीवान की बिजली आपूर्ति क्षमता 250 मेगावाट के पार राज्य के साथ सीवान जिले में भी बिजली आपूर्ति का ढांचा मजबूत हुआ है। कार्यक्रम में दी गई जानकारी के अनुसार, जिले की विद्युत आपूर्ति क्षमता अब 250 मेगावाट से अधिक हो चुकी है। बिजली की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए जिले में पांच नए पावर सब-स्टेशन स्थापित करने की दिशा में काम चल रहा है। इनमें पुलिस लाइन, धनौती, सोनकरा, माधोपुर और जामो शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से विद्युत वितरण नेटवर्क को मजबूती मिलेगी और भविष्य में बढ़ने वाली मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। 14 सब-स्टेशनों के ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता दोगुनी सीवान में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मौजूदा पावर सब-स्टेशनों की क्षमता भी बढ़ाई गई है। जिले के करीब 14 पावर सब-स्टेशनों में पावर ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता पांच एमवीए से बढ़ाकर 10 एमवीए कर दी गई है। इस बदलाव से संबंधित ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता दोगुनी हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, इससे बढ़ते विद्युत भार को संभालने में सुविधा होगी और वितरण व्यवस्था को अधिक सक्षम बनाया जा सकेगा। स्मार्ट मीटर से बिलिंग और शिकायत निपटारे में पारदर्शिता वक्ताओं ने स्मार्ट मीटर को विद्युत क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव बताया। उनके अनुसार, स्मार्ट मीटर से बिजली की खपत का हिसाब रखने, बिल तैयार करने और राजस्व की निगरानी में पारदर्शिता बढ़ रही है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं की शिकायतों के निपटारे और वितरण व्यवस्था की निगरानी में भी तकनीक की भूमिका बढ़ी है। अधिकारियों ने कहा कि तकनीकी सुविधाओं का विस्तार उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने की दिशा में जरूरी कदम है। सूर्य घर योजना में 16 हजार का लक्ष्य, आवेदन सिर्फ 4500 अधिकारियों ने बताया कि सीवान क्षेत्र में योजना के तहत लगभग 16 हजार आवेदन प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके मुकाबले अब तक करीब 4500 आवेदन ही मिले हैं। इससे भी अधिक चिंता की बात यह रही कि आवेदन मिलने के बावजूद लगभग 300 घरों में ही सोलर प्लांट स्थापित हो सके हैं। इन आंकड़ों पर अधिकारियों ने चिंता जताई और योजना का लाभ अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचाने के लिए प्रयास तेज करने की जरूरत बताई। आवेदन से सब्सिडी तक प्रक्रिया तेज करने पर जोर प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की धीमी प्रगति को देखते हुए अधिकारियों ने आवेदन, सोलर प्लांट लगाने और सब्सिडी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि योजना को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय जनभागीदारी से जोड़ना होगा। इसके लिए लोगों को सौर ऊर्जा के लाभ और योजना की प्रक्रिया के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने सूर्य घर योजना को जन आंदोलन का रूप देने की जरूरत बताई ताकि अधिक से अधिक परिवार अपने घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगवा सकें।



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