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पटना/वैशाली। बिहार के निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने वैशाली जिले के पटेढ़ी बेलसर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कामिनी प्रसाद और डाटा एंट्री ऑपरेटर हिमांशु कुमार को बकाया भुगतान के बदले 8600 रुपये की रिश्वत लेते आज गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद डॉ. प्रसाद के पटना स्थित आवास की तलाशी में 15 लाख 12 हजार रुपये नकद बरामद हुए और उनके बैंक खाते में 99 लाख 61 हजार 623 रुपये जमा होने की जानकारी सामने आई। ब्यूरो के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद डॉ. प्रसाद के पटना स्थित आवास की तलाशी में सोने-चांदी के जेवर, फ्लैट और बीमा के कागजात भी मिले। बैंक खाते में 99 लाख 61 हजार 623 रुपये जमा पाए गए हैं। कार्यालय में रिश्वत लेते पकड़े जाने से शुरू हुई कार्रवाई अब घर में मिली नकदी और दस्तावेजों की जांच तक पहुंच गई है। अपना पैसा पाने के लिए रिश्वत देने का आरोप मामले की शुरुआत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी जयपाल सिंह की शिकायत से हुई। उन्होंने निगरानी ब्यूरो को बताया कि इंसेंटिव और अन्य मदों का बकाया भुगतान करने के बदले उनसे रिश्वत मांगी जा रही है। उनका कुल बकाया 1 लाख 29 हजार 800 रुपये था। इसमें मार्च 2024 का इंसेंटिव, अप्रैल से अगस्त 2025 तक की 16,200 रुपये बकाया राशि, सितंबर 2025 से सितंबर 2026 तक का 96,000 रुपये इंसेंटिव और इसी अवधि का 9,600 रुपये मोबाइल रिचार्ज एवं परिवहन खर्च शामिल था। शिकायत में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक और डाटा एंट्री ऑपरेटर पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था। शिकायत सही मिली, कार्यालय में पहुंची निगरानी ब्यूरो के अनुसार, शिकायत का सत्यापन कराया गया तो रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण मिला। इसके बाद 8 अक्टूबर 2026 को निगरानी थाना कांड संख्या 119/26 दर्ज किया गया। अनुसंधानकर्ता पुलिस निरीक्षक आदित्य अंशु के अनुरोध पर पुलिस उपाधीक्षक वासुदेव राय के नेतृत्व में छापेमारी टीम बनाई गई। टीम ने पटेढ़ी बेलसर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कार्यालय कक्ष में कार्रवाई की। निगरानी के मुताबिक, वहीं डॉ. कामिनी प्रसाद और हिमांशु कुमार को 8,600 रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया लेकिन जांच का अगला सिरा कार्यालय से निकलकर पटना स्थित आवास तक पहुंचा। घर की तलाशी में मिले 16 लिफाफे ब्यूरो को सूचना मिली थी कि डॉ. कामिनी प्रसाद काम के बदले रिश्वत मांगती हैं। आवास में और रकम मिलने की संभावना के आधार पर तलाशी शुरू की गई। तलाशी में नकदी, सोने-चांदी के जेवर और फ्लैट एवं बीमा के कागजात मिले। इसके बाद नकदी का अधिक स्पष्ट ब्योरा सामने आया। 16 लिफाफों से 5 लाख 89 हजार रुपये बरामद हुए हैं। इस रकम को मिलाकर कुल जब्त नकदी 15 लाख 12 हजार रुपये है। खाते में करीब एक करोड़ रुपये घर से मिली नकदी के अलावा बैंक खाते में भी बड़ी रकम सामने आई है। ब्यूरो ने बताया कि खाते में 99 लाख 61 हजार 623 रुपये जमा हैं। यह बैंक जमा, जब्त की गई 15.12 लाख रुपये नकदी से अलग है। खबर लिखे जाने तक आवास की तलाशी जारी थी। ब्यूरो ने तलाशी पूरी होने के बाद पूरा ब्योरा देने की बात कही है। आरोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें मुजफ्फरपुर के विशेष निगरानी न्यायालय में पेश किया गया। आगे की जांच जारी है। पिछले साल से आगे निकले ट्रैप के आंकड़े ब्यूरो के मुताबिक, यह वर्ष 2026 का 109वां ट्रैप मामला है। वर्तमान समय तक ऐसे मामलों में 110 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। इन कार्रवाइयों में रिश्वत के कुल 38 लाख 17 हजार 400 रुपये और 37 हजार रुपये कीमत की एक नई वॉशिंग मशीन बरामद हुई थी। वर्ष 2025 में पूरे साल 101 ट्रैप मामले दर्ज हुए थे और 37 लाख 80 हजार 300 रुपये रिश्वत की रकम बरामद हुई थी। इस तरह 2026 में अबतक ट्रैप मामलों की संख्या और बरामद रिश्वत की रकम, दोनों पिछले पूरे साल के आंकड़ों से आगे निकल चुके हैं।



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