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मोतिहारी। भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करों के मंसूबों पर सुरक्षाबलों ने कड़ा प्रहार करते हुए बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में हरैया थाना पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 47वीं वाहिनी ने एक संयुक्त अभियान चलाकर 11.246 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली चरस जब्त की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब ₹5.62 करोड़ आंकी गई है। पुलिस ने मौके से नेपाल के बीरगंज निवासी एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। ई-रिक्शा की आड़ में रची गई थी तस्करी की साजिश सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया इनपुट मिला था कि नेपाल से रक्सौल के रास्ते नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप भारतीय सीमा में दाखिल कराई जाने वाली है। इनपुट की गंभीरता को देखते हुए रक्सौल के एसडीपीओ मनीष कुमार आनंद के नेतृत्व में एक विशेष स्ट्राइक टीम तैयार की गई। टीम ने मैत्री ब्रिज के पास नाकेबंदी कर वाहनों की बारीकी से जांच शुरू की। इसी दौरान नेपाल की तरफ से आ रहे एक सामान्य दिखने वाले ई-रिक्शा को जांच के लिए रोका गया। उसमें सवार व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर जब उसके सामान की तलाशी ली गई, तो सुरक्षाबल भी दंग रह गए। बोरे में टेप से चिपकाए गए थे 22 पैकेट सवार व्यक्ति के पास मौजूद एक प्लास्टिक के बोरे से भूरे रंग के टेप से सील किए गए 22 पैकेट बरामद हुए। जांच करने पर इनमें 11.246 किलोग्राम चरस पाई गई। सुरक्षाबलों ने फौरन आरोपी को हिरासत में ले लिया। आरोपी की पहचान नेपाल के परसा जिले के बीरगंज नगरपालिका निवासी अमर चौधरी (39 वर्ष) के रूप में हुई है। पूरे सिंडिकेट की कड़ियां खंगालने में जुटी एजेंसियां कार्रवाई में रक्सौल एसडीपीओ मनीष कुमार आनंद, अंचल निरीक्षक रजत कुमार समेत एसएसबी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सीमा पार से भेजी गई यह करोड़ों रुपये की खेप भारत में किस बड़े ड्रग सिंडिकेट तक पहुंचाई जानी थी और इस रैकेट के स्थानीय सूत्रधार कौन हैं। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।