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बोधगया। बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से शनिवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में उद्योग विभाग ने ऊर्जा, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और कृषि आधारित उद्योगों समेत विभिन्न क्षेत्रों की 12 कंपनियों के साथ कुल 4092 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। बोधगया बना बड़े औद्योगिक समझौतों का गवाह गया जिले के बोधगया स्थित वेलकम होटल बाय आईटीसी में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम बिहार के औद्योगिक विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (बीआईएमसीजीएल) के शुभारंभ और बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 के कर्टेन रेजर के मौके पर निवेश संबंधी समझौतों को अंतिम रूप दिया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में उद्योग विभाग ने 12 कंपनियों के साथ निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों के जरिए राज्य में नए उद्योगों की स्थापना और मौजूदा औद्योगिक आधार के विस्तार की संभावनाएं बढ़ी हैं। अकेले मिंट लाइफ साइंसेज का 1500 करोड़ का प्रस्ताव शनिवार को हुए 12 समझौतों में सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव मिंट लाइफ साइंसेज का है। कंपनी ने बिहार में 1,500 करोड़ रुपये के निवेश के लिए समझौता किया है। इसके बाद एबीआईएस ग्रुप ने 600 करोड़ रुपये और बायोहील एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने 510 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। जियोफास्ट इंडस्ट्रीज (1) लिमिटेड ने 500 करोड़ रुपये और कुमार ऑर्गेनिक्स ने 300 करोड़ रुपये के निवेश के लिए समझौता किया है। इन पांच कंपनियों के प्रस्तावों को जोड़ने पर कुल राशि 3,410 करोड़ रुपये होती है। यानी 4,092 करोड़ रुपये के कुल प्रस्तावित निवेश का लगभग 83 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं पांच कंपनियों से जुड़ा है। बाकी सात कंपनियां भी करेंगी 682 करोड़ का निवेश बड़े निवेश प्रस्तावों के अलावा सात अन्य औद्योगिक इकाइयों ने भी बिहार में कारोबार और उत्पादन गतिविधियों के विस्तार के लिए समझौते किए हैं।जियाना इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने 206 करोड़ रुपये और नालंदा ऑटोमेक प्राइवेट लिमिटेड ने 120 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़ी अमरनाथ टेक्सटाइल ने 110 करोड़ रुपये, जबकि माँ भद्रकाली एल्युमिनियम एक्सट्रूजन प्राइवेट लिमिटेड ने 95 करोड़ रुपये के निवेश के लिए समझौता किया है। इसी तरह शिवा एग्रो नेचुरल प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने 51 करोड़ रुपये, वास्तु विहार बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड ने 50 करोड़ रुपये और कनकलया ज्वेलरी ने 50 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन सात कंपनियों की कुल प्रस्तावित निवेश राशि 682 करोड़ रुपये है। सभी 12 कंपनियों के प्रस्तावों को मिलाकर निवेश का आंकड़ा 4,092 करोड़ रुपये पहुंचता है। ऊर्जा, टेक्सटाइल और ऑटोमोबाइल में बढ़ेगी औद्योगिक गतिविधि इन निवेश समझौतों की खास बात यह है कि इनमें अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है। ऊर्जा उत्पादन से जुड़े उद्योगों के साथ कपड़ा निर्माण, ऑर्गेनिक उत्पाद, ऑटोमोबाइल, एल्युमिनियम, कृषि आधारित उत्पाद, फूड प्रोसेसिंग और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में निवेश की पहल हुई है। सरकार का मानना है कि विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक परियोजनाओं के शुरू होने से बिहार में उत्पादन का दायरा बढ़ेगा। इसका लाभ केवल संबंधित कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कच्चे माल की आपूर्ति, परिवहन और दूसरे सहायक कारोबारों को भी मिल सकता है। कृषि आधारित उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी परियोजनाओं के जरिए स्थानीय उत्पादों के औद्योगिक उपयोग की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं। बिहार के युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद नए निवेश प्रस्तावों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना जताई गई है। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और उत्पादन शुरू होने पर अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले कुशल और अकुशल श्रमिकों की जरूरत पड़ सकती है। इसके साथ ही परिवहन, आपूर्ति और अन्य सहायक सेवाओं में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, सरकार की ओर से जारी जानकारी में इन 12 प्रस्तावित परियोजनाओं से कितने लोगों को रोजगार मिलेगा, इसका कोई निश्चित आंकड़ा नहीं दिया गया है। ऐसे में रोजगार सृजन की वास्तविक स्थिति परियोजनाओं के शुरू होने और उनके संचालन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। सिर्फ समझौते नहीं, उद्योगों को जमीन पर उतारने पर जोर राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसकी प्राथमिकता निवेश समझौतों को वास्तविक औद्योगिक परियोजनाओं में बदलना है। इसके लिए उद्योगों के अनुकूल वातावरण तैयार करने, आधारभूत संरचना के विस्तार और निवेशकों के साथ बेहतर समन्वय पर काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य बिहार में उत्पादन गतिविधियों को बढ़ावा देना, उद्यमियों को प्रोत्साहित करना और औद्योगिक विकास के जरिए राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं और सुविधाओं पर तेजी से काम करने की बात कही गई है। बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 से पहले बड़ा संदेश बोधगया में बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 के कर्टेन रेजर के अवसर पर हुए ये समझौते राज्य की औद्योगिक निवेश संबंधी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इसी कार्यक्रम में बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड का शुभारंभ भी किया गया। इन दोनों पहलों के जरिए राज्य सरकार बिहार में औद्योगिक निवेश के लिए अनुकूल माहौल विकसित करने और नए निवेशकों को आकर्षित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। जापान, थाईलैंड और लाओस के राजदूत भी पहुंचे कार्यक्रम में देश-विदेश के प्रतिनिधियों के साथ राज्य और केंद्र सरकार के कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, कृषि मंत्री एवं गया जिले के प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह तथा लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर जापान, थाईलैंड और लाओस के राजदूत भी उपस्थित रहे। वरिष्ठ अधिकारियों में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव नवीन कुमार शामिल थे। इसके अलावा मगध प्रमंडल की आयुक्त डॉ. सफीना ए.एन., मगध प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव, गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर और वरीय पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार समेत कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि, उद्योगपति और निवेशक मौजूद रहे।