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मोतिहारी। किसी घर में बेटे की सरकारी नौकरी लगने की खुशियां थीं तो कहीं जिंदगी अपनी सामान्य रफ्तार से चल रही थी लेकिन बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में तीन अलग-अलग हादसों ने तीन परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया, जिले में दो सड़क हादसों और पुल से नीचे गिरने की घटना में तीन युवकों की मौत हो गई। मृतकों में महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय का पीजी छात्र 29 वर्षीय विक्की भी शामिल है। करीब दो महीने पहले ही बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के माध्यम से उसका चयन असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ था। दो महीने पहले नौकरी, अब घर पहुंचा मौत का संदेश मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बनकट के पास हुए सड़क हादसे में विक्की की जान चली गई। वह चिरैया थाना क्षेत्र के पनसलवा गांव निवासी सत्येंद्र त्रिपाठी का इकलौता पुत्र था। विक्की महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय में पीजी का छात्र था। करीब दो माह पहले ही बीपीएससी के माध्यम से असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर उसकी बहाली हुई थी। सरकारी नौकरी मिलने के बाद परिवार में खुशी का माहौल था। भविष्य को लेकर नई उम्मीदें थीं, लेकिन एक सड़क हादसे ने सबकुछ बदल दिया। ‘जल्द लौट आऊंगा’ कहकर घर से निकला था विक्की परिजनों के मुताबिक, विक्की दोस्त की पार्टी में शामिल होने की बात कहकर घर से निकला था। उसने परिवार को जल्द वापस लौटने का भरोसा भी दिया था लेकिन कुछ ही देर बाद घरवालों के पास ऐसी खबर पहुंची, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। परिवार को विक्की के सड़क दुर्घटना में घायल होने की सूचना मिली। परिजन आनन-फानन में घटनास्थल पर पहुंचे तो विक्की सड़क पर पड़ा मिला। हादसे में उसकी मौत हो चुकी थी। मुफ्फसिल थानाध्यक्ष अमित कुमार के मुताबिक, बाइक सवार युवक की मौत अज्ञात वाहन की ठोकर से हुई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। दो बहनों का इकलौता भाई था विक्की विक्की दो बहनों के बीच इकलौता भाई था। उसकी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, जबकि छोटी बहन अभी पढ़ाई कर रही है। वह अपनी छोटी बहन की शादी की तैयारियों में भी जुटा था। पिता पूजा-पाठ कर परिवार का भरण-पोषण करते हुए बच्चों को पढ़ा रहे थे। बेटे की सरकारी नौकरी लगने से परिवार को भविष्य के लिए नई उम्मीद मिली थी। मगर महज दो महीने बाद ही हुए हादसे ने परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं। भाई के शव से लिपटकर बिलखती रही बहन विक्की का शव पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया। खबर मिलते ही उसके माता-पिता और बहन अस्पताल पहुंचे।भाई का शव देखते ही बहन उससे लिपटकर बिलखने लगी। मां बार-बार बेहोश हो रही थीं। अस्पताल परिसर का माहौल गमगीन हो गया। विक्की की मौत की खबर मिलने के बाद विश्वविद्यालय की एक प्रोफेसर भी अस्पताल पहुंचीं। शव देखकर वह भी भावुक हो गईं और रोते-रोते बेहोश हो गईं। रघुनाथपुर में बस ने ली बाइक सवार की जान दूसरा हादसा रघुनाथपुर बस स्टैंड के पास हुआ। यहां बस की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान तुरकौलिया थाना क्षेत्र के मठवा गांव निवासी नथुनी साह के पुत्र उमेश कुमार के रूप में हुई है। बताया गया है कि उमेश बाइक से मोतिहारी जा रहा था। इसी दौरान वह बस की चपेट में आ गया और उसकी जान चली गई। पुल से नीचे गिरा 32 वर्षीय अशोक, मौत तीसरी घटना कुंडवा चैनपुर थाना क्षेत्र के खरूही जटवलिया गांव में हुई। यहां गांव निवासी 32 वर्षीय अशोक ठाकुर की पुल से नीचे गिरने के बाद मौत हो गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अशोक नशे की हालत में था। इसी दौरान वह पुल से नीचे गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई।



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