Full Story

नई दिल्ली। ईरान की संसद के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद बाकर कालीबाफ अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण नई दिल्ली में आयोजित होने वाली 12वीं ब्रिक्स संसदीय मंच की बैठक में शामिल नहीं हो सकेंगे लेकिन ईरान का संसदीय प्रतिनिधिमंडल बैठक में भाग लेकर सदस्य देशों के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेगा। ईरानी संसद अध्यक्ष का भारत दौरा नहीं होगा नई दिल्ली स्थित ईरान के दूतावास ने शनिवार को आधिकारिक बयान जारी कर अपने संसद अध्यक्ष की अनुपस्थिति की जानकारी दी। दूतावास ने बताया कि ईरान की इस्लामिक कंसल्टेटिव असेंबली के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद बाकर कालीबाफ कुछ अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण नई दिल्ली में होने वाली ब्रिक्स सदस्य देशों की संसदों के अध्यक्षों की बैठक में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। प्रतिनिधिमंडल लेगा हिस्सा, बातचीत रहेगी जारी संसद अध्यक्ष की अनुपस्थिति के बावजूद ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह ब्रिक्स संसदीय मंच की बैठक से अलग नहीं रहेगा। ईरान का संसदीय प्रतिनिधिमंडल निर्धारित बैठक में हिस्सा लेगा और अन्य सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श करेगा। दूतावास ने बताया कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल की बातचीत का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाना और आपसी संबंधों को मजबूत करना होगा। ब्रिक्स के प्रति ईरान ने दोहराई प्रतिबद्धता ईरानी दूतावास ने ब्रिक्स के प्रति देश की प्रतिबद्धता भी दोहराई और कहा कि वह ब्रिक्स के शिखर सम्मेलनों और विभिन्न बैठकों में उच्च स्तर पर सक्रिय तथा प्रभावी भागीदारी को महत्व देता है। दूतावास के अनुसार, ईरान सदस्य देशों के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए लगातार संवाद और विचार-विमर्श जारी रखेगा। इसमें विशेष रूप से संसदीय संबंधों को मजबूत करने और द्विपक्षीय तथा बहुपक्षीय सहयोग का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। भारत की मेजबानी की ईरान ने की सराहना ईरानी दूतावास ने 12वीं ब्रिक्स संसदीय मंच की बैठक के आयोजन को लेकर भारत सरकार का आभार भी व्यक्त किया है। दूतावास ने भारत की मेहमाननवाजी और बैठक के लिए की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए आयोजन की सफलता की कामना की। ईरान ने उम्मीद जताई कि बैठक में होने वाली चर्चाओं से सदस्य देशों के बीच सहयोग और आपसी जुड़ाव को मजबूत करने वाले सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। 26-27 अक्टूबर को संसद भवन में जुटेंगे ब्रिक्स देशों के संसदीय नेता भारत की मेजबानी में 12वां ब्रिक्स संसदीय मंच 26 और 27 अक्टूबर को संसद भवन परिसर स्थित संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री (पीएम) नरेंद्र मोदी की मौजूदगी के बीच ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों के संसदीय नेता लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक, वैश्विक शासन में सुधार और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर मंथन करेंगे। ओम बिरला बोले- संसदीय कूटनीति में जुड़ेगा नया अध्याय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को संसद भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में सम्मेलन की जानकारी देते हुए कहा था कि यह आयोजन भारत की संसदीय कूटनीति को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण अवसर होगा। सम्मेलन में ब्रिक्स के सदस्य और भागीदार देशों के संसद अध्यक्षों सहित अन्य पीठासीन अधिकारियों और संसदीय नेताओं की भागीदारी होगी। केंद्रीय मंत्री, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के पीठासीन अधिकारी, सांसद और अन्य विशिष्ट अतिथि भी शामिल होंगे।