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Latest Feature stories, updates and analysis — 26 articles.

कृष्ण का जन्म : अंधकार में प्रकाश का अवतरण
कृष्ण का जन्म अंधकार पर प्रकाश, भय पर साहस और अन्याय पर धर्म की जीत का प्रतीक है। जन्माष्टमी का संदेश है कि प्रेम,…

जब उर्दू के लफ्जों में गूंजी कृष्ण की बांसुरी, शायरी में घुला कान्हा का प्रेम
उर्दू शायरी में श्रीकृष्ण प्रेम, सौंदर्य, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक बनकर सदियों से मौजूद हैं। अमीर खुसरो,…

जब प्रकृति के लिए थम गई जिंदगी : वाल्मीकिनगर में 48 घंटे का ‘ग्रीन लॉकडाउन’, धरती को दिया विश्राम
थरुहट में इंसान चुप है, गांव शांत है और बोल रही है प्रकृति

भागलपुर की गलियों में बिखरी हैं 'बनफूल' की यादें
पद्मभूषण सम्मानित साहित्यकार डॉ. बलाय चंद मुखोपाध्याय 'बनफूल' के जीवन, साहित्य और भागलपुर से उनके गहरे जुड़ाव पर…

15 अगस्त को नहीं... 18 अगस्त को आजादी मनाता है भारत का यह गांव: तीन दिन तक यहां फहराता रहा था पाकिस्तान का झंडा
रैडक्लिफ लाइन की एक ऐतिहासिक भूल ने बदल दी थी हजारों लोगों की किस्मत... इसलिए आज भी 18 अगस्त को फहराया जाता है तिरंगा

जब दो महीने की बेटी को डोली में बैठाकर बाबा के दरबार की ओर दंडवत चल पड़ा एक पिता...
यह सिर्फ श्रावणी यात्रा नहीं, एक मन्नत, एक पिता का प्रेम और बेटियों के सम्मान का सबसे खूबसूरत संदेश है

जब 'बोल बम' से गूंज उठी धरती... सुलतानगंज से बाबा धाम तक आस्था की यात्रा शुरू
उत्तरवाहिनी गंगा की गोद से निकला विश्वास, 98 किलोमीटर के हर कदम पर शिवभक्ति, सेवा और समर्पण का अद्भुत संगम

माटी की अंतिम पुकार : सभ्यता के नाम एक मौन संदेश
"एक दिन जब इतिहास भविष्य से पूछेगा कि तुमने अपनी सभ्यता को बचाने के लिए क्या किया था, तब शायद उत्तर किसी संसद, किसी…

बदलता समय, टूटते सपने और अस्तित्व का संघर्ष
"इतिहास में कोई भी सभ्यता अपने शिल्पियों के बिना जीवित नहीं रह सकती। लेकिन विडंबना यह है कि सभ्यता जितनी समृद्ध होती…

एक दिन कुम्हार के घर : जहां मिट्टी सांस लेती है और चाक प्रार्थना बन जाता है
"किसी समाज को समझना हो तो उसके राजमहलों में मत जाइए। उस कारीगर के घर जाइए, जो बिना किसी शोर के उस समाज की ज़रूरतें…

अय्यनार के टेराकोटा घोड़े : आस्था, कला और ग्रामीण संस्कृति के अमर प्रहरी
तमिलनाडु के गांवों में सदियों से खड़े हैं मिट्टी के विशाल घोड़े, जो सिर्फ शिल्प नहीं बल्कि लोकविश्वास, संस्कृति और…

बांकुरा की टेराकोटा कला: लाल मिट्टी में सांस लेती बंगाल की 400 साल पुरानी विरासत
पंचमुरा का प्रसिद्ध टेराकोटा घोड़ा बना भारतीय लोककला की पहचान, जीआई टैग से मिली वैश्विक पहचान; परंपरा और आधुनिकता का…