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Latest Feature stories, updates and analysis — 42 articles.

मिट्टी के घड़े में जलती लोकआस्था की लौ, चंपारण की सांस्कृतिक स्मृति में आज भी जीवित है झिझिया
लोकगीतों में देवी-वंदना, थिरकते कदमों में स्त्री-सृजन की छाप और छिद्रदार घड़े में टिमटिमाती रोशनी—नवरात्र की रातों में…

जाग्रत शक्ति-स्थल बंगाल का तारापीठ
पश्चिम बंगाल का तारापीठ मां तारा की आराधना, तंत्र साधना और पौराणिक रहस्यों का अनूठा संगम है। वशिष्ठ मुनि की तपस्या,…

वह मुलाकात जिसने डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के जीवन की दिशा बदली
पायलट बनने का सपना टूटने के बाद स्वामी शिवानंद से मिली प्रेरणा ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को नई राह दिखाई। वे महान…

राष्ट्रपति बने, लेकिन नहीं भूले अपनी मिट्टी.... राजेंद्र बाबू की दुर्गापूजा परंपरा आज भी निभा रहा जीरादेई
देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 1953 में जीरादेई में दुर्गापूजा की परंपरा शुरू कराई थी। आज भी उसी स्थान…

परिंदों की पनाहगाह सुरैला चौर, अब संवरेगी प्रकृति की यह अनमोल दुनिया
सीवान के 144 एकड़ में फैले जलक्षेत्र को संरक्षित करने की पहल, 30 प्रजातियों के पक्षियों और दुर्लभ वन्यजीवों का बसेरा;…

भागलपुर की वह पालकी और राजा राममोहन राय का आत्मसम्मान
1809 में भागलपुर में राजा राममोहन राय और अंग्रेज कलेक्टर फ्रेडरिक हैमिल्टन के बीच हुआ विवाद महज एक व्यक्तिगत घटना नहीं…

कर्माटांड़ में अब भी जिंदा है विद्यासागर का सवाल
कर्माटांड़ में ईश्वरचंद्र विद्यासागर की विरासत आज भी शिक्षा, बराबरी और सामाजिक सुधार का सवाल उठाती है। नंदन कानन में…

चंपापुरी : जहां मंदिर की घंटियों में जीवित है वासुपूज्य का पंचकल्याणक
चंपापुरी भगवान वासुपूज्य की पंचकल्याणक भूमि है। यह आलेख तीर्थ की आध्यात्मिक विरासत, जैन दर्शन और आत्मविजय के संदेश के…

भागलपुर ने दी राष्ट्रकवि दिनकर को ख्याति
राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की साहित्यिक पहचान को आकार देने में भागलपुर की अहम भूमिका रही। यहीं लालूचक में उन्होंने…

किशोर जायसवाल : बूंद-बूंद से भविष्य बचाने वाला जल योद्धा
जल योद्धा किशोर जायसवाल तीन दशकों से जल-संरक्षण को मिट्टी, खेती, भूजल और ग्रामीण आजीविका से जोड़ रहे हैं। उनकी पहल…

जमालपुर के लोहे में विश्वकर्मा की छेनी
यह लेख जमालपुर रेल कारखाने की डेढ़ सदी से अधिक पुरानी औद्योगिक विरासत और विश्वकर्मा पूजा की विशिष्ट परंपरा को रेखांकित…

भागलपुर की मिट्टी से मिली थी कथाशिल्पी शरत को साहित्य की उर्जा
शरतचंद्र चट्टोपाध्याय ने अपने जीवन के शुरुआती 25 वर्ष भागलपुर में बिताए, जहां की मिट्टी, गंगा, गलियों, मित्रों और…